राष्ट्रीय

राजस्थान में जोधपुर संभाग के बाड़मेर जिले के समदड़ी तहसील में मियां का बाड़ा रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर कर महेश नगर हाल्ट किया गया है। रेलवे स्टेशन के नव परिवर्तित होने के अवसर पर भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। मंडल रेल प्रबंधक गीतिका पांडेय व गांव के पूर्व सरपंच हनवंत सिंह राठौड़ ने फीता काट कर और नाम पट्टिका का अनावरण किया। जोधपुर उत्तर पश्चिम रेलवे मंडल के तहत समदड़ी रेलवे स्टेशन के निकट मियां का बाड़ा रेलवे स्टेशन का अब महेश नगर नाम रख दिया गया है। प्रस्ताव मिलने के बाद इस पर निर्णय लिया गया। इसको लेकर जोधपुर से सांसद और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी सहित राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत सभी महेश नगर पहुंचे। यहां भव्य सभा का आयोजन भी हुआ। इससे पहले जयपुर, कोटा और बारां जिले के प्रवास के बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार को सुबह रेल मार्ग से जोधपुर पहुंचे। मंत्री शेखावत सुबह आठ बजे जोधपुर पहुंचे तो अजीत कालोनी स्थित निवास पर आमजन से मुलाकात की। इसके बाद विविध कार्यक्रमों में शामिल हुए। फिर बाड़मेर के लिए रवाना हुए।

 

ये लोग रहे मौजूद

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत समेत बाड़मेर सांसद केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, सिवाना विधायक हमीर सिंह भायल, पूर्व मंत्री अमराराम चौधरी, पूर्व मंत्री ओटाराम देवासी, पूर्व विधायक जोगाराम पटेल, पूर्व विधायक छगन सिंह राजपुरोहित, पूर्व विधायक कान सिंह कोटड़ी, पूर्व ज़िला प्रमुख पूना राम चौधरी, गीतिका पांडे आदि लोग मौजूद रहे।

गऊ माता को गुड़ और चारा खिलाया

अमावस्या पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर के नारनाड़ी स्थित गोशाला में गऊ माता को चारा गुड़ खिलाया। इस दौरान केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, राज्य सभा सांसद राजेंद्र गहलोत, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री शेलाराम सारण, पूर्व जिला प्रमुख पूनाराम चौधरी और पूर्व विधायक जोगाराम पटेल अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। राजपुरोहित हरि फुसाराम गो सेवा संस्थान नारनाड़ी की ओर से इस मौके पर आत्मीयता से स्वागत किया गया।

राष्ट्रीय

हरियाणा में गहराता जा रहा बिजली संकट, पानीपत के थर्मल प्‍लांट में महज तीन दिन का बचा कोयला

एक तरफ मांग के मुताबिक बिजली नहीं मिल रही, दूसरी तरफ एक नया संकट और सामने खड़ा हो गया है। पानीपत थर्मल पावर स्टेशन में कोयले की सप्लाई सामान्य से बहुत कम पहुंच रही है। यहां महज तीन दिन का कोयला बचा है। निम्न स्तर के कोयले से काम चलाया जा रहा है। इस समय पानीपत थर्मल पावर प्लांट की तीनों यूनिट चल रही हैं। इन तीनों यूनिटों को चलाने में एक दिन में लगभग 10500 टन कोयले की खपत होती है। वीरवार को थर्मल में कोयले के तीन रैक पहुंचे थे। इनमें लगभग 11 हजार 100 टन कोयले की सप्लाई थर्मल में पहुंची थी। पानीपत थर्मल में इस समय मात्र 37 हजार 158 टन कोयले का स्टाक बचा है। इस बचे हुए कोयले से थर्मल को मात्र तीन दिन ही चलाया जा सकता है। इस समय थर्मल की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर छह तथा 250-250 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर सात व आठ चल रही हैं। कोयले की कमी के कारण थर्मल में निम्न गुणवत्ता का कोयला पहुंच रहा है। कोयले की निम्न गुणवत्ता के कारण थर्मल में बिजली का उत्पादन क्षमता से कम हो पा रहा है। बिजली संकट के चलते थर्मल की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 6 को लगभग तीन साल बाद चलाया गया था। कोयले की निम्न गुणवत्ता के कारण यह यूनिट अपने पूरे लोड पर नहीं चल पा रही। इससे लगभग 160 मेगावाट बिजली का उत्पादन ही हो पा रहा है। गर्मी की वजह से बढ़ी मांग हरियाणा में भीषण गर्मी की वजह से बिजली की मांग बढ़ गई है। फिलहाल 18 करोड़ 46 लाख यूनिट बिजली की मांग है। अब इसे पूरा करना बिजली निगमों के लिए चुनौती बन चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों में आठ से लेकर दस घंटों के बिजली के कट लग रहे हैं। पिछले तीन दिनों में ही बिजली की मांग 1.75 करोड़ यूनिट तक बढ़ी है। 24 अप्रैल को बिजली की कमी 1.05 करोड़ यूनिट तक थी जो अब बढ़कर 1.62 करोड़ हो गर्ह है।
उत्तराखंड

उत्तराखंड में मौसम ने बदली करवट, इन इलाकों में बादलों ने डाला डेरा, 3-4 मई को अंधड़ का आरेंज अलर्ट

Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड में मौसम ने करवट बदल ली है। ज्यादातर इलाकों में बादलों ने डेरा डाल लिया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले तीन दिन उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में हल्की बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। जबकि, मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। इसके साथ ही आगामी तीन और चार मई को पहाड़ों गरज के साथ ओलावृष्टि और मैदानों में अंधड़ को लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। चकराता छावनी क्षेत्र में जंगल में फिर सुलगी आग चकराता छावनी क्षेत्र के सेंट्रल फारेस्ट के जंगल में आग फिर सुलगने पर हर तरफ धुंआ ही नजर आया। पिछले पांच दिनों से चकराता छावनी के आसपास के जंगलों में आग लग रही है। जवान, वन और कैंट कर्मी आग को बुझा देते हैं, गर्मी की वजह से आग फिर से सुलग जा रही है, यह सिलसिला सोमवार से लगातार चल रहा है। कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सूखी घास न जलाने की अपील भी की है। गर्मी की तपिश जिस तरह से बढ़ रही है, उससे जंगल में आग लगने की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। पिछले पांच दिन से चकराता छावनी क्षेत्र के सेंट्रल फारेस्ट में आग लग रही है। सुबह कैंट बोर्ड के पोलो ग्राउंड के पास जंगल में आग लग गई। रावना क्षेत्र से शुरु हुई आग पोलो ग्राउंड तक पहुंच गई। जंगल में पहुंची आग को बुझाने के लिए कैंट र्किमयों के साथ सेना के जवानों को भी लगना पड़ा। दिन में बारिश होने जैसे मौसम बना, लेकिन बारिश न होने पर जंगल की आग बुझाने में कोई मदद नहीं मिली। रेंजर कैंट अमित साहू का कहना है कि कैंट कर्मचारी लगातार 5 दिन से आग बुझाने में जुटे हुए हैं, क्योंकि बुझाई गई आग के बाद भी जंगल फिर से सुलग जा रहे हैं। जंगल में आग लगने की वजह से कर्मचारी अपने घर तक नहीं जा पा रहे हैं। देर रात तक टीम आग बुझाने में जुटी रही।
अपराध उत्तराखंड

इंटरनेट ठीक करने के बहाने घर में घुसे आरोपित ने पिस्तौल की नोक पर महिला से की लूट….

टर्नर रोड स्थित एक मकान में इंटरनेट ठीक करने के बहाने घर में घुसे आरोपित ने पिस्तौल की नोक पर महिला से सोने के गहने व अन्य सामान लूट लिया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपित को कुछ ही देर बाद आईएसबीटी से गिरफ्तार कर लिया है। महिला के सिर पर तान दिया पिस्तौल क्लेमेनटाउन टर्नर रोड सी 19 में रहने वाली महिला मंगलेश शर्मा ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे एक व्यक्ति गेट पर पहुंचा और इंटरनेट ठीक करने की बात करने लगा। जैसे ही वह घर के अंदर घुसा तो उसने इंटरनेट कनेक्शन पर छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी। कुछ ही देर बाद आरोपित ने अपनी जेब से पिस्तौल निकाला। एक राउंड जमीन पर फायर करने के बाद उसने पिस्तौल महिला के सिर पर तान दिया। पिस्तौल की नोक पर महिला से गले की चेन, कुंडल और कंगन लूट लिया और फरार हो गया। महिला ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम में दी। पुलिस ने आरोपित को घेर लिया कंट्रोल रूम से क्लेमेनटाउन थाने को सूचित किया गया। तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपित का पीछा करना शुरू कर दिया। उधर, आईएसबीटी पुलिस चौकी को भी इस बारे में जानकारी दी गई तो आईएसबीटी में भी पुलिस अलर्ट हो गई। पुलिस ने आरोपित को घेर लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया।
राष्ट्रीय

भीषण गर्मी और हीटवेव से लोगों का घरों से बाहर निकलना हुआ मुश्किल, यूपी में पारा 45 के पार, जाने कब है राहत मिलने की उम्‍मीद….

भीषण गर्मी और हीटवेव से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कई राज्‍यों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिन लोगों को ऐसी ही भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा, लेकिन सोमवार से कुछ राहत मिलने की उम्‍मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब में एक मई तक लू का प्रभाव और बढ़ेगा। इस वजह से पंजाब के कई जिलों में दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। दो व तीन मई को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसकी वजह से धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना है। हिमाचल प्रदेश में मौसम में कोई विशेष बदलाव होने की संभावना कम है। मौसम विभाग के अनुसार, एक-दो स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। उत्तराखंड में गर्मी बेहाल करने वाली है। मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग की मानें तो अगले तीन दिन पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान जताया है। इस दौरान मैदानों में तेज हवा चलने की आशंका है। तप रहा उत्‍तर प्रदेश, दिल्‍ली में भी पारा 45 के पार उत्तर भारत को झुलसाती गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। शुक्रवार को सबसे ज्यादा तापमान उत्तर प्रदेश के बांदा में 47.4 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रयागराज 46.8 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा तो राजधानी दिल्ली का स्पो‌र्ट्स कांप्लेक्स 46.4 डिग्री सेल्सियस के साथ देश में तीसरा सबसे गर्म शहर रहा। राजस्थान के श्रीगंगानगर का तापमान भी 46.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दिल्ली के कई हिस्सों में भीषण लू की चेतावनी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने शनिवार को दिल्ली के कई हिस्सों में भीषण लू की चेतावनी देते हुए आरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि गर्मी से बचाव के लिए तैयार रहें। शुक्रवार को दिल्ली के बेस स्टेशन सफदरजंग वेधशाला ने लगातार दूसरे दिन अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। यह 12 साल में अप्रैल में एक दिन का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान है।
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मौसम विभाग की सलाह- लंबे समय तक धूप में रहने, भारी काम करने से बचें दिल्ली कोर हीटवेव जोन (सीएचजेड) में आता है, जिसमें तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट, बिहार, छत्तीसगढ़ व बंगाल शामिल हैं। हीटवेव में बच्चों, बुजुर्गों के साथ उन लोगों के लिए ज्यादा खतरा होता है जो पुरानी बीमारियों से पीडि़त हों। आइएमडी ने सलाह दी है कि लंबे समय तक धूप में रहने और भारी काम करने से बचें। 71 साल में दूसरी बार सबसे गर्म रहा अप्रैल दिल्ली में अप्रैल महीने में इस बार औसत तापमान 40.20 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जो 12 साल में सर्वाधिक है, जबकि 71 साल में दूसरी बार सबसे ज्यादा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 1951 से 2022 तक अप्रैल का सबसे अधिक औसत तापमान 2010 में 40.40 डिग्री रहा है। इन दो वर्षों को छोड़ दिया जाए तो अप्रैल का औसत तापमान हर साल 40 डिग्री सेल्सियस के नीचे ही रहा है।
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जम्मू में रात भी तप रही कश्मीर में एक दिन पहले बारिश और ओलावृष्टि ने भले कुछ राहत दी हो, लेकिन जम्मू में शुक्रवार को भीषण गर्मी ने बेहाल कर दिया। गुरुवार-शुक्रवार की रात को पारा 30 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा। यह इस मौसम का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान रहा। अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
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उत्तराखंड में बदला मौसम, हिमाचल में टूटा रिकार्ड उत्तराखंड में शुक्रवार को दोपहर बाद मौसम बदला और केदारनाथ धाम में हल्की बर्फबारी हुई। रुद्रप्रयाग समेत गुप्तकाशी, अगस्त्यमुनि क्षेत्रों में बारिश होने से गर्मी से कुछ राहत मिलने के साथ ही जंगलों में लगी आग भी बुझी है। चमोली जिले में बदरीनाथ व हेमकुंड की चोटियों पर जहां बर्फबारी हुई, वहीं निचले क्षेत्रों में बारिश से गर्मी से भी खासी राहत मिली। वहीं, हिमाचल में गर्मी रिकार्ड तोड़ रही है। शुक्रवार को ऊना का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन में सबसे अधिक है। 2017 में भी ऊना में 29 अप्रैल के दिन अधिकतम तापमान 43 व न्यूनतम 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था।
राष्ट्रीय

देश में बीते 24 घंटों में कोरोना के 3,688 नए मामले आए सामने, 2,755 लोग डिस्चार्ज और 50 की हुई मौत…..

देश में कोरोना संक्रमण अब प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घंटों में कोरोना के 3,688 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस दौरान 2,755 लोग डिस्चार्ज हुए और कोरोना से 50 लोगों की मौत हुई है। गौरतलब है कि कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के साथ कई शहरों में नए म्यूटेंट का मिलना भी एक चिंता का विषय बन गया है। एक्टिव मामले 18000 के पार पहुंचे कोरोना के नए मामलों में इजाफे के साथ एक्टिव मामले भी अब बढ़कर 18,684 हो गए हैं। इसी के साथ देश में अब कुल कोरोना मामले बढ़कर 4,30,75,864 हो गए हैं। वहीं कोरोना से कुल मौतों का आंकड़ा भी अब 5,23,803 पर पहुंच गया है। दिल्ली में 5,000 के पार पहुंचे एक्टिव केस राजधानी दिल्ली में भी कोरोना मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली सरकार द्वारा जारी कोरोना हेल्थ बुलेटिन के अनुसार राज्य में बीते 24 घंटे में 1,607 नए कोरोना केस मिले हैं। वहीं अब एक्टिव मामलों की संख्या भी पांच हजार के पार पहुंच गई है। एक्टिव केस अब बढ़कर 5,609 हो गए हैं, वहीं बीते 24 घंटों में 1,246 कोरोना मरीज ठीक हुए हैं 2 ने इस दौरान अपनी जान गवाईं है। इसी के साथ अब राज्य में पोजिटिविटी दर 5.28 फीसद पर आ गई है। अमेरिका से बच्चों के लिए आ सकती है खुशखबरी छोटे बच्चों को कोरोनारोधी टीकों की खुराक जल्द मिल सकती है। 6 महीने से 5 साल की उम्र के बच्चों को कोरोना वैक्सीन देने के लिए फाइजर और माडर्ना ने अमेरिकी सरकार से अनुरोध किया है, जिसकी समीक्षा करने के लिए अमेरिकी दवा नियामक के विशेषज्ञों का एक सलाहकार पैनल जून में बैठक करेगा। वहीं माडर्ना ने कनाडा सरकार के साथ कोरोना वैक्सीन निर्माता की 10 साल की साझेदारी के हिस्से के रूप में क्यूबेक प्रांत में एक mRNA वैक्सीन निर्माण सुविधा बनाने की योजना बनाई है।
उत्तराखंड

आज CM पुष्‍कर सिंह धामी ने की मुख्यमंत्री सन्दर्भों व पत्रों के आनलाइन पोर्टल की शुरुआत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री संदर्भों /पत्रों का आनलाइन पोर्टल के माध्यम पंजीकरण एवं समयबद्ध निष्पादन प्रणाली का शुभारंभ किया।
पहले मुख्यमंत्री को संबोधित संदर्भों/पत्रों को मुख्यमंत्री लेटर मानिटरिंग पैकेज के माध्यम से पंजीकृत कर मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भौतिक रूप से संबंधित विभागों को भेजा जाता था। अब मुख्यमंत्री संदर्भों /पत्रों को सीएम हेल्पलाइन 1905 के साथ इंटीग्रेट किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चंपावत निवासी मुकेश राम की समस्या का संज्ञान लेते हुए, उनसे फोन पर बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी चंपावत को उनकी समस्या भेजी जा चुकी है, जिसका उचित समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि जन समस्याओं एवं शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1905, अपणि सरकार पोर्टल एवं भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड एप 1064 की प्रत्येक 15 दिन में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, एक माह में मुख्य सचिव एवं तीन माह में मुख्यमंत्री के स्तर पर समीक्षा की जाएगी। सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण पर सरकार का विशेष ध्यान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए विभागों द्वारा अभी तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जल्द समीक्षा की जाएगा। उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए विभागों की ओर से आगामी 10 वर्षों के लिए विभाग क्या रोडमैप बना रहे हैं, इसकी भी जल्द समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शासन एवं जिला स्तर पर ई-आफिस प्रणाली को और मजबूत किया जाए। फाइलों के निर्धारित समयावधि पर निस्तारित न होने कारण अधिकारियों को स्पष्ट करना होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय को प्राप्त संदर्भ /पत्र अब एक क्लिक के माध्यम से संबंधित विभागीय सचिव, विभागीय अधिकारी को प्राप्त हो जाएगा। इसका शिकायतकर्ता को भी उनके द्वारा दर्ज मोबाइल नंबर पर मैसेज पहुंचेगा। शिकायतकर्ता को मैसेज के साथ एक लिंक मिलेगा, जिस पर वे अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई की प्रत्येक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। शिकायत जिस विभाग के जिस अधिकारी से संबधित होगी, उन्हें निश्चित समयावधि के अंदर उसका निस्तारण करना होगा। यदि संबंधित अधिकारी द्वारा समय पर निस्तारण नहीं किया गया तो, शिकायत उससे उच्च स्तरीय अधिकारी को स्वतः ही अग्रेनीत हो जाएगी। समय पर निस्तारण न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। मुख्यमंत्री संदर्भों/पत्रों को सीएम हेल्पलाइन 1905 के साथ इंटीग्रेट करने से विभागों को भौतिक रूप से सन्दर्भ /पत्र भेजने में समय लगता था, उस समय की बचत होगी। आवेदक को भी अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई की अद्यतन स्थिति की आनलाइन जानकारी मिलेगी। इससे प्राप्त होने वाले संदर्भों का डाटा परीक्षण एवं समस्याओं का वर्गीकरण करते हुए समाधान के लिए नई नीति तैयार की जा सकेगी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगोली एवं उप सचिव अनिल जोशी उपस्थित थे।
उत्तराखंड

पकड़ा गया रामनगर के जंगल में आग लगाने वाला युवक, मुकदमा दर्ज

बढ़ती गर्मी में जंगलों में आग लगने का खतरा बना हुआ है। वन विभाग वनाग्रि रोकने के लिए गोष्ठियों के जरिए ग्रामीणों से सहयोग की अपील कर रहा है। बैलपड़ाव गांव में जंगल में आग लगा रहे एक ग्रामीण के मंसूबों को वन विभाग ने विफल कर दिया। आग लगाते हुए तत्काल आरोपित रंगे हाथ पकड़ा गया। वन कर्मियों ने आरोपित को तत्काल गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत बैलपड़ाव रेंज के खेमपुर गैबुआ बीट प्लाट एन 1 दाबका नदी में एक व्यक्ति को तड़के टीम के साथ गश्त कर रहे रेंजर संतोष पंत ने आग लगाने के दौरान पकड़ लिया। वन कर्मियों की सक्रियता से आग फैलने से पहले ही बुझा ली गई। तलाशी के दौरान आरोपित के पास से एक माचिस व एक लाइटर बरामद किया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम खेमपुर गैबुआ गांव निवासी कमलापति सती बताया। रेंजर संतोष पंत ने कार्यालय लाकर आरोपित से पूछताछ की। कालाढूंगी थाने में आरोपित के खिलाफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट 1984 व भारतीय वन अधिनियम 1927 व भारतीय दंड संहिता की धाराओं में अपराध पंजीकृत कर जेल भेजा जा रहा है। रेंजर पंत ने बताया कि उनकी टीम सुबह, शाम व दिन में जंगल व गांव से सटे नजदीकी क्षेत्रों में गश्त कर जंगल में आग लगाने वाले आराजक तत्वों पर नजर रख रही है। उत्तराखंड में गर्मी के सीजन में जंगलों में आग की घटनाएं हर साल होती है। नमी की मात्रा, पिरूल के अलावा शरारती तत्वों द्वारा आग की घटना अंजाम दी जाती है। इसके लिए वन विभाग समय-समय पर जारूकता अभियान भी चलाता है। पर अराजक तत्व मानते नहीं है। गर्मी में वन विभाग भी इनसे निपटने के लिए चौकन्ना रहता है। इसी क्रम में रामनगर में शुक्रवार को आग लगाते पकड़ा गया है। अधिकारियों ने कर्मियों को मुस्तैद रहने को कहा है।
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एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया ने इसरो के सहयोग से विमान लैंड कराने की नई तकनीक का परीक्षण किया सफल…

विमान लैंडिंग के मामले में भारत ने नई उड़ान भरी है। गुरुवार को एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया (एएआइ) ने इसरो के सहयोग से विमान लैंड कराने की नई तकनीक का सफल परीक्षण किया। इंडिगो एयरलाइन के विमान ने राजस्थान के किशनगढ़ स्थित हवाईअड्डे पर गगन आधारित एलपीवी तकनीक के माध्यम से विमान लैंड कराया। अमेरिका, यूरोप और जापान के बाद भारत चौथा देश है, जिसने यह तकनीक विकसित की है। अब होगी विमानों की लैंडिंग सुरक्षित दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित छोटे हवाईअड्डों पर खराब मौसम में हवाई जहाज की लैंडिंग कराना सबसे चुनौतीपूर्ण काम होता है। यही कारण है कि अक्सर मौसम थोड़ा सा खराब होते ही उड़ान रोकनी पड़ती है या उसे डायवर्ट करना पड़ता है। गगन आधारित एलपीवी (लोकलाइजर परफार्मेस विद वर्टिकल गाइडेंस) तकनीक के प्रयोग से यह समस्या दूर होगी और विमानों की लैंडिंग सुरक्षित होगी। बहुत महंगी है मौजूदा तकनीक खराब मौसम या कम दृश्यता में विमान की लैंडिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली मौजूदा तकनीक आइएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) बहुत महंगी है। यही कारण है कि देशभर में सौ से ज्यादा एयरपोर्ट पर अभी तक मात्र 50 से कुछ ही ज्यादा रनवे पर इस सिस्टम को लगाया गया है। हर रनवे पर यह सुविधा नहीं होने के कारण ही सभी हवाईअड्डों पर देर रात या थोड़े से भी खराब मौसम में विमान लैंडिंग की अनुमति नहीं दी जाती है। नई तकनीकी से बदल जाएगी व्यवस्था गगन यानी जीपीएस एडेड जियो आग्मेंटेड नेविगेशन को इसरो ने विकसित किया है। यह नेविगेशन सिस्टम इसरो द्वारा लांच किए गए जीसैट-8, जीसैट-10 और जीसैट-15 सेटेलाइट के माध्यम से काम करता है। इसी गगन को आधार बनाते हुए एएआइ ने इसरो के साथ मिलकर गगन आधारित एलपीवी विकसित किया है। इसकी मदद से रनवे पर आइएलएस के बिना ही सेटेलाइट से मिले डाटा के आधार पर विमान को उतारना संभव होगा। ऐसे काम करती है तकनीक अभी आइएलएस के माध्यम से विमान में पायलट को रनवे की स्थिति का पता चलता है। दृश्यता कम होने पर आइएलएस के जरिये पायलट रनवे की स्थिति की विस्तृत जानकारी पाता है और उसके हिसाब से लैंडिंग का फैसला करता है। इसमें रनवे से विमान की ऊंचाई, आखिरी छोर से उसकी दूरी, उतरने के लिए जरूरी कोण आदि की जानकारी मिलती है। आइएलएस नहीं होने की स्थिति में खराब मौसम में लैंडिंग के दौरान आपात स्थिति में पायलट को अपने अनुभव के आधार पर ही फैसला लेना पड़ता है। जरा सी चूक हादसे का कारण बन सकती है। नए एलपीवी में विमान में पायलट को सेटेलाइट के माध्यम से यह सब जानकारी मिल जाएगी। इससे विमान की लैंडिंग सुरक्षित होगी।
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देश में एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा कोरोना वायरस का संक्रमण, बीते दिनो में मिले 3,377 नए मामले

देश में कोरोना वायरस का संक्रमण एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। बीते दिन भारत में कोविड के 3,377 नए केस दर्ज हुई जो कि मध्य-मार्च के बाद से सबसे ज्यादा है। देश में अब कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,30,72,176 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बीते 24 घंटे में 60 और मरीजों की मौत हुई, जिससे कुल मौतों का आंकड़ा 5,23,753 पहुंच गया। फिलहाल देश में 17,801 एक्टिव केस हैं, जिसकी दर 0.04% है। बीते दिन 2,496 मरीज कोरोना को मात देकर ठीक हुए। अब तक रिकवर हो चुके लोगों की संख्या 4,25,30,622 हो गई है। फिलहाल रिकवरी रेट 98.74% है। देश भर में कोविड वैक्सीनेश कैंपेन भी जारी है। अब तक 188.65 करोड़ डोज लगाई जा चुकी है। गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी।