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गृह मंत्रालय सभी CAPF के सुरक्षाकर्मियों के लिए इतने दिनों की सालाना छुट्टी की कर सकता है घोषणा

Holidays May Increase For CAPF: गृह मंत्रालय (MHA) सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के सुरक्षाकर्मियों के लिए 100 दिनों की सालाना छुट्टी की घोषणा कर सकता है. सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय एक नीति के सभी रूपों पर विचार कर रहा है, जिसमें सीएपीएफ के हर सुरक्षाकर्मी को एक साल में अपने परिवारों के साथ कम से कम 100 दिन बिताने के लिए 100 दिनों की छुट्टी मिलेगी.

10 लाख जवानों को होगा फायदा

बता दें कि इस नीति की घोषणा अक्टूबर 2019 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा काम से संबंधित तनाव को कम करने और लगभग 10 लाख जवानों की खुशी के स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी, जो कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों और दूरदराज के स्थानों पर कठिन परिस्थितियों में तैनात हैं.

अभी मिलती हैं 75 छुट्टियां

अब तक, सीएपीएफ जवानों को हर साल औसतन लगभग 75 दिनों की छुट्टियां मिलती हैं जिसे जरूरत के अनुसार बढ़ाया या घटाया जा सकता है. गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अवकाश नीति का तेजी से और सुचारू रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए गृह मंत्रालय में कई दौर की बैठकें हुईं और ताजा बैठक इस महीने की शुरुआत में हुई.

सीएपीएफ की तरफ से दिए गए हैं सुझाव

उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने सीएपीएफ से सुझाव लिए हैं और उम्मीद है कि जल्द ही इस नीति पर आखिरी फैसला लिया जाएगा. इसकी घोषणा अगले महीने तक हो सकती है. अधिकारियों ने कहा कि सीएपीएफ के महानिदेशकों ने फील्ड फॉर्मेशन से फीडबैक लेने के बाद अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं.

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सबसे बड़े सीएपीएफ में से एक, ने मंत्रालय को सुझाव दिया था कि जवानों की आकस्मिक छुट्टी को वर्तमान 15 दिनों से बढ़ाकर 30 दिन किया जा सकता है. दिसंबर 2021 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जैसलमेर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित करते हुए कहा था कि 50 डिग्री गर्मी और माइनस तापमान में देश की सुरक्षा के लिए जवानों को तैनात किया जाता है.

अमित शाह ने कहा था कि केंद्र सरकार कोशिश कर रही है कि देश को अपना स्वर्णिम समय देने वाला हर सैनिक साल में करीब 100 दिन अपने परिवार के साथ बिता सके. यह सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा. एक बार जब यह नीति बीएसएफ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और सशस्त्र सीमा बल में प्रभावी ढंग से लागू हो जाती है, तो इसे अन्य सीएपीएफ जैसे असम राइफल्स, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल में भी लागू किया जाएगा.

गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि एक बार यह नीति लागू हो जाने के बाद इसकी समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और यह सीएपीएफ जवानों के कल्याण के मामले में ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकती है. फील्ड फॉर्मेशन में तैनात वरिष्ठ सुरक्षाकर्मियों ने भी माना है कि 100 दिन की सालाना छुट्टी नीति लागू होने के बाद आत्महत्या के मामले काफी हद तक कम हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि इससे सीएपीएफ में वीआरएस के मामलों की संख्या में भी कमी आएगी. एक अनुमान के अनुसार, पिछले एक दशक में 80,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों ने वीआरएस लिया है.