उत्तराखंड

चार धामों के दर्शन के लिए ऋषिकेश पहुंची श्रद्धालुओं की भीड़, लगानी पड़ी अतिरिक्‍त फोर्स, तस्‍वीरें 

Chardham Yatra 2022 : चार धामों के दर्शन के लिए ऋषिकेश पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। बुधवार को तड़के तीन बजे से ही पंजीकरण केंद्र के बाहर श्रद्धालु उपस्थित हो गए। चार धाम के लिए 2100 और बदरीनाथ धाम के लिए 300 स्लाट दर्शन के लिए उपलब्ध कराया गया है। लेकिन मौके पर करीब 4000 श्रद्धालुओं की भीड़ अपनी बारी का इंतजार करती नजर आई।
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चारधाम यात्रा के प्रमुख संचालन केंद्र बस टर्मिनल कंपाउंड ऋषिकेश में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बुधवार से यहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। पंजीकरण काउंटर में लाइन बनाने के लिए मंगलवार की रात ही बैरिकेटिंग लगा दी गई थी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए करीब 40 फीट अतिरिक्त टेंट की व्यवस्था की गई है। पंजीकरण में प्राथमिकता प्राप्त करने के लिए श्रद्धालु रात में ही यहां डेरा डाल कर सो गए थे। तड़के तीन बजे से ही यहां लाइन लगनी शुरू हो गई। जबकि पंजीकरण सुबह आठ बजे खोला गया।
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एसडीआरएफ की ओर से आफलाइन पंजीकरण किया जा रहा है। एसडीआरएफ प्रभारी उपनिरीक्षक कविंद्र सिंह सजवाण ने बताया कि चार धाम दर्शन के लिए 2100 और एक धाम बदरीनाथ दर्शन के लिए 300 व्यक्तियों को स्लाट के आधार पर पंजीकरण उपलब्ध कराया जाएगा। पुलिस अधीक्षक देहात कमलेश उपाध्याय ने बताया कि सुबह के वक्त भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। जिसमें महिला उपनिरीक्षक, महिला कांस्टेबल अलग से तैनात किए गए हैं।
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उप जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी के मुताबिक नगर निगम की ओर से पंजीकरण काउंटर के बाहर बैरिकेडिंग लगा दी गई है। धूप से बचाने के लिए श्रद्धालुओं के ऊपर अतिरिक्त टेंट की व्यवस्था की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन स्तर पर केदारनाथ धाम को छोड़कर तीन धाम के लिए स्लाट में वृद्धि की जा सकती है।
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प्रशासन की ओर से जिन श्रद्धालुओं का आनलाइन पंजीकरण में 10 जून तक का स्लाट उपलब्ध है उन्हें यात्रा पर भेजा जा रहा है। संयुक्त रोटेशन और परिवहन निगम की ओर से बसों की व्यवस्था की गई है। सामाजिक संगठनों के सहयोग से बस स्टैंड कंपाउंड में श्रद्धालुओं को दोपहर और शाम मुफ्त भोजन सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही इन्हें नियमित रूप से पानी भी वितरित किया जा रहा है।