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पीएम ने की मोटा अनाज उगाने की अपील, जाने वजह

पीएम नरेंद्र मोदी कई बार देश में मोटे अनाज यानी ज्वार, बाजरा और रागी जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने रविवार को एक बार फिर से अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इनको बढ़ावा देने के लिए जन-आंदोलन चलाने की बात कही। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इनके जरिए एकतरफ कुपोषण दूर किया जा सकता है तो वहीं डायबिटीज़ और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों से लड़ने में भी ये कारगर हैं। इसके अलावा इन फसलों को कम पानी में भी पैदा किया जा सकता है। इसका अर्थ यह हुआ कि जहां सिंचाई के साधन कम हैं, वहां भी इनकी पैदावार हो सकती है। इससे सूखे के हालात से निपटने में मदद मिलेगी और भूजल पर दबाव भी कम होगा। क्यों सेहत के लिए अच्छे हैं मिलेट्स फूड इन मोटे अनाजों को मिलेट्स या फिर सुपर फूड भी कहा जाता है। इसका अर्थ उन खाद्य पदार्थों से होता है, जिनमें पोषक तत्व अपेक्षाकृत अधिक होते हैं और ग्लाइसेमिक लोड भी कम होता है। इन फसलों में मुख्य रूप से 8 अनाजों ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी और कुट्टू को शामिल किया जाता है। इनमें गेहूं और चावल की तुलमा में सॉल्युबल फाइबर ज़्यादा होता है। इसके चलते इन्हें डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों में खाना उपयोगी माना जाता है। इसके अलावा आयरन की मात्रा भी इनमें ज्यादा होती है। इसका मतलब यह हुआ कि इन फूड्स के जरिए एक तऱफ पैदावार बेहतर हो सकती है तो वहीं लोगों को कुपोषण और बीमारियों से भी राहत मिलेगी। जलवायु परिवर्तन से निपटने का भी हैं अहम उपाय बीते करीब दो दशकों से दुनिया जलवायु परिवर्तन की मार से जूझ रही है। इसके चलते कहीं बाढ़ तो कहीं सूखा जैसे हालात देखने को मिलते हैं। भारत, पाकिस्तान समेत एशिया के ही कई देश हर साल असमान बारिश का सामना करते हैं। ऐसे में इन फसलों के जरिए असमान बारिश के संकट से निपटा जा सकता है। ऐसी समस्याओं के बीच मिलेट्स क्रॉप एक समाधान की तरह दिखती हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इन फसलों के उत्पादन में पानी की खपत भी बेहद कम होती है। जैसे गन्ने के एक पौधे को अपने पूरे जीवनकाल में 2100 मिलीमीटर पानी की ज़रूरत होती है। वहीं बाजरा को 350 मिलीमीटर पानी ही चाहिए। ज्वार के लिए भी पानी ज्यादा नहीं लगता। संयुक्त राष्ट्र संघ भी दे रहा है बढ़ावा, मेहनत भी लगती है कम इसके अलावा एक अहम फायदा यह है कि मिलेट्स की फसलें पशुओं के लिए चारा भी मुहैया कराती हैं। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी की अपील काफी अहम है। इस पर दुनिया भी कितनी गंभीरता से सोचती है, इसे ऐसे समझा जा सकता है कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी 2023 को ‘अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष’ घोषित किया है। इन फसलों को उगाने का एक फायदा यह भी है कि सिंचाई से लेकर रखरखाव तक इन फसलों का उत्पादन करना भी कम मेहनत वाला है।  
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जाने सीएम बघेल ने विधायकों से झारखंड की स्थिति पर क्या बात की

झारखंड में जारी सियासी संकट के बीच छत्तीसगढ़ लाए गए विधायकों से मिलने देर रात सीएम भूपेश बघेल मेफेयर होटल पहुंचे। सीएम ने उनसे झारखंड की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर बात की। यूपीए गठबंधन के नेताओं ने उन्हें आश्वास्त किया कि सभी एकजुट हैं। हेमंत सोरेन सरकार को कोई खतरा नहीं है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधायकों से कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार राज्यों की विपक्षी सरकारों को तोड़ने में लगी है। सरकार गिराने हरसंभव कोशिश में हैं। सीएम ने कहा कि राजभवन ने अभी तक चुनाव आयोग की चिट्ठी नहीं खोली है, यानी कुछ योजना बनाई जा रही है। सभी को एकजुट रहने की जरूरत है। कुछ देर ठहरने के बाद मुख्यमंत्री बघेल वापस सीएम हाउस लौट गए। सूत्रों के मुताबिक सीएम भूपेश ने कांग्रेस ने झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और मंत्री रामेश्वर उरांव से पूरे मामले को लेकर मंत्रणा की। सभी ने एकजुट होने की बात कहते हुए झारखंड में सरकार को कोई खतरा नहीं होने की बात कही। सीएम ने कहा कि राजभवन ने अभी तक चुनाव आयोग की चिट्ठी नहीं खोली है यानी कुछ योजना बनाई जा रही है। वो चिंतित हैं, क्योंकि अगर झारखंड में विधायकों को मुक्त कर दिया जाता तो उन्हें खरीदने का मौका मिल जाता या 20 करोड़ रुपये देने का मौका मिलता। सीएम भूपेश बघेल ने सभी विधायकों को एकजुट रहने की बात कही है। बता दें कि महाराष्ट्र की तरह सत्ता गंवाने से बचने झारखंड के विधायकों को छत्तीसगढ़ लाया गया है। झमुमो ने भाजपा पर सरकार को गिराने की साजिश का आरोप लगाया है। हार्स ट्रेडिंग रोकने यूपीए के 32 विधायकों को रायपुर लाया गया है, जिसमें 5 मंत्री भी शामिल हैं। कांग्रेस के बादल पत्रलेख, डॉ. रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता, आलमगिर आलम और राजद के सत्यानंद भोक्ता रायपुर में हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा कोटे का कोई मंत्री झारखंड से रायपुर नहीं आए हैं। मेफेयर रिसॉर्ट में सुरक्षा का तगड़ा घेरा बता दें कि पत्थर खनन आवंटन मामले में ऑफिस ऑफ प्रॉफिट केस का सामना कर रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को महागठबंधन के विधायकों में सेंधमारी का डर सता रहा है। ऐसे में महागठबंधन के सभी विधायकों को कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ लाया गया है। सरकार ने इंडिगो का प्लेन कराया बुक कराया था। सभी विधायक 30 अगस्त को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर उतरे। यहां से उन्हें नवा रायपुर ले जाया गया। मेफेयर रिजॉर्ट को 30 और 31 तारीख के लिए बुक किया गया है। यूपीए के विधायकों की सुरक्षा के लिए होटल को हाई सिक्योरिटी जोन घोषित किया गया है। एक आईपीएस, एक डीएसपी और 2 इंस्पेक्टर के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। विधायकों की बाड़ेबंदी की वजह से वहां पुलिस की सुरक्षा का तगड़ा घेरा बनाया गया है। रिसॉर्ट के चुनिंदा कर्मचारियों को छोड़कर झारखंड के विधायकों तक किसी को जाने की इजाजत नहीं है। सीएम की सदस्यता रद्द होने की आशंका झारखंड में सियासी संकट के बीच 27 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा और यूपीए के कुल 41 विधायकों को लेकर खूंटी में लतरातू डैम पर बने रिसॉर्ट में पहुंचे थे। सीएम सीएम सहित सभी विधायकों के छत्तीसगढ़ आने की चर्चा हो रही है। यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द होने की आशंका है। चुनाव आयोग से राज्यपाल को पत्र भेजे जाने की बातें पिछले 4 दिनों से सियासी गलियारों में चल रही है। वहीं पलामू में महादलितों पर हुए अत्याचार और दुमका में अंकिता सिंह की मौत मामले में भाजपा झारखंड सरकार पर हमलावर है। इधर छत्तीसगढ़ में यूपीए गठबंधन के विधायकों को लाए जाने पर छत्तीसगढ़ भाजपा ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है।
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सचिन पायलटट ने दिया ये बड़ा बयान, जाने क्या कहा

 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की अटकलों के बीच सचिन पायलटट ने बड़ा बयान दिया है। पायलट ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस आलाकमान के कहने पर राजस्थान में जब सरकार बनी तो मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था। ऐसे में आगे अगर किसी भी राजस्थान के नेता को आलाकमान से कोई निर्देश मिलते हैं तो उसे वह निर्देश मानने होंगे। पायलट का बयान इसलिए अहम माना जा रहा है कि सीएम अशोक गहलोत ने मंगलवार को अपने गृह जिले जोधपुर में राजस्थान छोड़ने की बात कही थी। सचिन पायलट ने आज राजधानी जयपुर में मीडिया से बात की और कहा कि राजनीति में जो होता है वह दिखाई नहीं देता है। दिखाई नहीं देता है वह हो जाता है.

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उत्तराखंड: टीला गांव में अज्ञात बुखार से 100 से अधिक लोग पीड़ित

स्वास्थ्य मंत्री डा.धन सिंह रावत के विधानसभा क्षेत्र और थलीसैंण ब्लाक के टीला गांव में सौ से अधिक ग्रामीण बीते करीब एक सप्ताह से अज्ञात बुखार की चपेट में है। ग्रामीणों के मुताबिक बुखार के साथ ही हाथ और पांवों में दर्द आदि की भी शिकायत है। मामला संज्ञान में आने पर स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने पौड़ी के सीएमओ को एक टीम गांव में भेजकर बीमारी का पता लगाने और लोगों के उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए है। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर सीएमओ ने स्वास्थ्य टीम का गठन कर दिया है, जो बुधवार को गांव जाकर रिपोर्ट लेगी। टीला निवासी ग्रामीण धूम सिंह ने बताया कि बीते एक सप्ताह से ग्रामीणों को बुखार, हाथ-पांव और सीने में दर्द जैसी शिकायत है। गांव में करीब दो सौ परिवार हैं। हर घर में एक या दो लोगों को बुखार की शिकायत है। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल है। इस बीच  कुछ लोग ठीक भी हो गए हैं। यही शिकायत पास के गांव स्योली खंड में भी बताई जा रही है।  स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने गांव में स्वास्थ्य टीम भेजने के निर्देश सीएमओ को दे दिए है। सीएमओ पौड़ी डा. प्रवीण कुमार ने बताया कि टीला में ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए दो डाक्टर, लैब टैक्निशियन सहित सात लोगों की एक टीम का गठन कर लिया गया है। टीम बुधवार को गांव जाएगी और वहां बीमारी का पता लगाएगी। उधर, थलीसैंण ब्लाक प्रभारी डा. अमित पाटिल ने बताया है कि गांव में बुखार की शिकायत पर टीम बना दी गई है।
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26 सितंबर को हो सकता है हरिद्वार में पंचायत चुनाव, पढ़े पूरी ख़बर

हरिद्वार पंचायत चुनाव में 26 को मतदान और 28 सितंबर को मतगणना हो सकती है। पंचायतीराज विभाग ने राज्य निर्वाचन आयोग के चुनाव कार्यक्रम को हरी झंडी दिखा दी है। आयोग गुरुवार को विधिवत आचार संहिता की घोषणा करेगा।  राज्य निर्वाचन आयोग ने हरिद्वार के लिए चुनाव कार्यक्रम तय करते हुए, सरकार के पास सहमति के लिए भेजा था। जिस पर मंगलवार को सरकार ने सहमति प्रदान कर दी है। तय कार्यक्रम के तहत राज्य निर्वाचन आयोग एक सितंबर को विधिवत अधिसूचना जारी करेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी हरिद्वार भी इसी दिन अधिसूचना जारी करते हुए, चुनाव कार्यक्रम जारी करेंगे। इसके बाद छह से आठ सितंबर को नामांकन होगा। जबकि नौ से 11 सितंबर तक नामांकन पत्रों जांच होगी। 12 सितंबर को नामांकन वापसी के बाद, 13 सितंबर को चुनाव चिन्ह आबंटित किया जाएगा। इसके बाद 26 सितंबर को मतदान और 28 सितंबर को मतगणना सम्पन्न होगी। इधर, जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए आरक्षण का निर्धारण अभी नहीं हुआ है।  
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बिहार के इन शहरों में घटे पेट्रोल डीजल के दाम

तेल कंपनियों ने बिहार के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम की हैं। मुजफ्फरपुर, गया, पूर्णिया, हाजीपुर, औरंगाबाद, गोपालगंज, लखीसराय समेत अन्य शहरों में पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ है। राजधानी पटना में बुधवार को तेल के दाम स्थिर हैं। वहीं, भागलपुर समेत कुछ अन्य जिलों में तेल के दाम में हल्का इजाफा हुआ है। मुजफ्फरपुर में पेट्रोल 3 पैसे और डीजल 2 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ। गया में पेट्रोल के दाम में 21 पैसे और डीजल में 20 पैसे प्रति लीटर की गिरावट आई। पूर्णिया में पेट्रोल-डीजल के भाव में 11 पैसे प्रति लीटर की कमी आई है। इसके अलावा समस्तीपुर, हाजीपुर, सीतामढ़ी, बेतिया, लखीसराय, किशनगंज, भभुआ, जहानाबाद, गोपालगंज, आरा, बेगूसराय, औरंगाबाद और अरवल में भी तेल सस्ता हुआ है। हालांकि भागलपुर में पेट्रोल 86 पैसे और डीजल 80 पैसे प्रति लीटर की दर से महंगा हो गया। इसके अलावा बांका, बक्सर, खगड़िया, मुंगेर, नवादा, सासाराम, सहरसा और सुपौल में भी तेल के दाम में बढ़ोतरी हुई है। राजधानी पटना , जमुई और शिवहर में पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
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अरविंद केजरीवाल पर आखिर क्यों भड़के अन्ना हजारे, जाने वजह

अरविंद केजरीवाल के सियासी गुरु कहे जाने वाले अन्ना हजारे ने उन्हें पत्र लिखा है। इस पत्र में अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल से कहा है कि वह दिल्ली में शराब की दुकानों को बंद कर दें। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने स्वराज पुस्तक में बड़ी-बड़ी बातें की थीं, लेकिन उनके आचरण पर उसका असर नहीं दिख रहा है। अन्ना हजारे ने अपनी चिट्ठी में अरविंद केजरीवाल को संबोधित करते हुए लिखा, ‘आपके मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार मैं आपको खत लिख रहा हूं। पिछले कई दिनों से दिल्ली सरकार की शराब नीति को लेकर जो खबरें आ रही हैं, उन्हें पढ़कर दुख होता है।’ अन्ना हजारे ने कहा कि महात्मा गांधी के ‘गांव की ओर चलो’ के विचार से प्रेरित होकर मैंने अपनी जिंदगी गांव, समाज और देश के लिए समर्पित की है। पिछले 47 सालों से ग्राम विकास के लिए काम कर रहा हूं और भ्रष्टाचार के विरोध में आंदोलन कर रहा हूं। अरविंद केजरीवाल को पुराने दिन याद दिलाते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि आप हमारे गांव रालेगण सिद्धि आ चुके हैं। यहां आपने शराब, बीड़ी, सिगरेट आदि पर रोक की प्रशंसा की थी। राजनीति में आने से पहले आपने ‘स्वराज’ नाम से एक किताब लिखी थी। इस पुस्तक में आपने ग्रामसभा, शराब नीति के बारे में बड़ी-बड़ी बातें लिखी थीं। तब आपसे बहुत उम्मीद थी, लेकिन राजनीति में जाकर मुख्यमंत्री बनने के बाद आप आदर्श विचारधारा को भूल गए हैं। अन्ना बोले- शराब जैसा ही होता है सत्ता का भी नशा आपकी सरकार ने दिल्ली में नई शराब नीति बनाई, जिसे देखकर ऐसा लगता है कि इससे शराब की बिक्री और उसे पीने को बढ़ावा मिल सकता है। गली-गली में शराब की दुकानें खुलवाई जा सकती हैं। इससे भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलेगा और यह जनता के हित में नहीं है। इसके बाद भी आप ऐसी शराब की नीति लाए हैं। इससे ऐसा लगता है कि जैसे शराब का नशा होता है, उसी तरह सत्ता का भी नशा होता है। आप भी ऐसी सत्ता के नशे में डूब गए हो, ऐसा लग रहा है। अन्ना हजारे ने अपनी चिट्ठी में अपने आंदोलन का भी जिक्र किया और कहा कि आप रास्ता ही भटक गए हैं। 10 साल पहले की मीटिंग और उद्देश्य दिलाए याद अन्ना हजारे ने लिखा, ’10 साल पहले 18 सितंबर 2012 को दिल्ली में टीम अन्ना के सदस्यों की मीटिंग हुई थी।  उस वक्त आपने राजनीतिक रास्ता अपनाने की बात कही थी। लेकिन आप भूल गए कि राजनीतिक दल बनाना हमारे आंदोलन का उद्देश्य नहीं था। उस वक्त जनता में टीम अन्ना के प्रति भरोसा था और मुझे लगता था कि हमें लोकशिक्षण और लोकजागृति का काम करना चाहिए। यदि लोकशिक्षण का काम होता तो देश में कहीं भी इस तरह की शराब नीति नहीं बनती।’ अन्ना हजारे ने कहा कि किसी भी दल की सरकार हो, उस पर दबाव के लिए समान विचारधारा वाले लोगों का एक प्रेशर ग्रुप होना जरूरी था। यदि ऐसा होता तो देश की स्थिति आज अलग होती और गरीब लोगों को फायदा मिलता।
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यमुना नदी में नहीं होगा मूर्ति विसर्जन, जाने वजह

यमुना नदी और जलाशयों में मूर्ति विसर्जन पर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने रोक लगा दी है। ऐसा करने वालों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है। जबकि, सभी संबंधित विभागों को रोकथाम को सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। राजधानी दिल्ली में आमतौर पर गणेशोत्सव और दुर्गा पूजा के समय प्रतिमाओं को यमुना नदी या अन्य जलाशयों में विसर्जित किया जाता रहा है। हालांकि, पिछले तीन सालों में इस पर कड़ाई से रोक लगाई जाती रही है। इसी क्रम में गणेश उत्सव और दुर्गा पूजा को करीब देखते हुए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर से एक बार फिर से निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें नदी और जलाशयों में प्रतिमा विसर्जन को प्रतिबंधित करते हुए पचास हजार रुपये का जुर्माना या कैद की सजा की चेतावनी दी गई है। डीपीसीसी ने शहरी स्थानीय निकायों को मूर्ति विसर्जन के लिए आवासीय क्षेत्रों के निकट कृत्रिम तालाब बनाने के लिए भी कहा है। बोर्ड ने दिल्ली पुलिस को शहर में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) की मूर्तियां ले जाने वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का भी निर्देश दिया है। नगर निकायों से कहा गया है कि वे सभी अंचल कार्यालयों को अवैध मूर्ति निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी करें।  
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यूपी में IT करने जा रही ये बड़ी कार्रवाई, जाने क्या

यूपी में इनकम टैक्स की बड़ी कार्रवाई चल रही है। लखनऊ, कानपुर, दिल्ली समेत 22 जगह पर इनकम टैक्स रेड जारी है। यूपी में कई विभागों में कार्यरत करीब डेढ़ दर्जन अधिकारी-कर्मचारी IT की रडार पर हैं। बताया जा रहा है कि UPICON से जुड़े ठेकेदारों पर भी इनकम टैक्स का छापा पड़ा है। जानकारी के मुताबिक  लखनऊ के तीन स्थान जनीनगर, फरीदी नगर व गोमती नगर में  आयकर के छापेमारी चल रही है। भ्रष्ट नौकरशाहों और उनके करीबियों पर आयकर विभाग ने दोबारा छापेमारी कर दी। इससे पहले 18 जून को उपायुक्त उद्योग राजेश यादव, मंगलानी ग्रुप और गोल्डन बास्केट फर्म पर छापे मारकर करोड़ों रुपए सीज किए गए थे। बुधवार को वरिष्ठ नौकरशाहों के करीबी बताए जा रहे राजू चौहान और देशराज के ठिकानों पर कानपुर में छापे मारे गए। लखनऊ समेत 22 जगह छापेमारी चल रही है। इनकम टैक्स के सूत्र के मुताबिक करीब एक दर्जन भ्रष्ट ब्यूरोक्रेट रडार पर हैं।
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मनीष तिवारी कांग्रेस के लिए बढ़ा रहे मुश्किलें

कांग्रेस में महाभारत थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जी-23 के नेता रहे गुलाम नबी आजाद पार्टी से ही अलग हो गए हैं तो वहीं कांग्रेस में अब भी बने हुए मनीष तिवारी मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। मनीष तिवारी ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पर ही सवाल उठा दिया। उन्होंने कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव अथॉरिटी के मुखिया मधुसूदन मिस्त्री से उन लोगों की लिस्ट जारी करने की मांग की है, जो अध्यक्ष के चुनाव में मतदान करेंगे। तिवारी ने एक बाद एक ट्वीट करते हुए सवाल पूछा, ‘मधुसूदन मिस्त्री जी मैं बहुत आदर के साथ पूछता हूं कि यदि मतदान करने वाले लोगों की सूची ही नहीं होगी तो फिर कैसे किसी दबाव से मुक्त और सही ढंग से चुनाव होंगे।’ मनीष तिवारी ने कहा कि मतदाताओं की सूची पार्टी वेबसाइट पर होनी चाहिए। गुलाम नबी आजाद ने भी पार्टी छोड़ते हुए कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव को धोखा करार दिया था। इस पर सफाई देते हुए मधुसूदन मिस्त्री ने कहा था कि ऐसा कहना गलत है। इसके अलावा आनंद शर्मा ने भी सवाल उठाते हुए कहा था कि प्रदेश स्तर पर चुनाव में वोट डालने वाले लोगों की लिस्ट ही नहीं है। इस पर मिस्त्री ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस समितियों को मतदाताओं की सूची मुहैया कराई गई है। कुल 9,000 वोटर इसमें हिस्सा लेने वाले हैं। उनकी इस टिप्पणी पर अब मनीष तिवारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव में हिस्सा लेने वालों की लिस्ट देखने के लिए कैसे कोई हर प्रदेश के कार्यालय पर जा सकेगा। लोकसभा सदस्य तिवारी ने कहा कि ऐसा तो क्लब के चुनाव में भी नहीं होता। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मधुसूदन मिस्त्री जी से पूरे सम्मान से पूछना चाहता हूं कि निर्वाचन सूची के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हुए बिना निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कैसे हो सकता है? निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव का आधार यही है कि प्रतिनिधियों के नाम और पते कांग्रेस पार्टी की वेबसाइट पर पारदर्शी तरीके से प्रकाशित होने चाहिए।’ कांग्रेस के ‘जी 23’ समूह में शामिल रहे तिवारी ने कहा, ‘यह 28 प्रदेश कांग्रेस कमेटी और आठ क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी का चुनाव नहीं है। कोई क्यों पीसीसी के कार्यालय जाकर पता करे कि प्रतिनिधि कौन हैं? सम्मान के साथ कहना चाहता हूं कि ऐसा क्लब के चुनाव में भी नहीं होता।’ 17 अक्टूबर को होना है कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव उन्होंने कहा, ‘मैं आपसे (मिस्त्री) आग्रह करता हूं कि निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये सूची प्रकाशित की जाए।’ तिवारी ने कहा कि अगर कोई चुनाव लड़ना चाहता है और यह नहीं जानता कि प्रतिनिधि कौन हैं तो वह नामांकन कैसे करेगा क्योंकि उसे 10 कांग्रेस प्रतिनिधियों की बतौर प्रस्तावक जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि 10 प्रस्तावक नहीं होंगे तो नामांकन खारिज हो जाएगा। कांग्रेस की ओर से घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 22 सितंबर को पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना जारी होगी, 24 सितंबर से नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं और यदि एक से अधिक उम्मीदवार हुए तो 17 अक्टूबर को मतदान होगा।