उत्तराखंड प्रदेश

एचएफएमडी को ले कर स्वास्थ्य विभाग ने ज़ारी किया अलर्ट

हैंड, फुट, माउथ डिजीज (एचएफएमडी) पीड़ित बच्चों को लेकर जिले में अलर्ट घोषित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी छोटे-बड़े अस्पतालों के साथ विद्यालयों को एचएफएमडी को लेकर एडवाइजरी जारी की है। वहीं भीमताल और भवाली में स्कूली बच्चों में एचएफएमडी पीड़ित बच्चे मिले हैं,जो अब पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने एचएफएमडी को लेकर जिला अस्पताल, बेस अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी सब जगह एडवाइजरी जारी कर दी है। इसके अलावा स्कूलों में भी अलर्ट कर दिया है। वहीं कुछ दिन पूर्व भवाली व भीमताल के स्कूलों में एचएफएमडी पीड़ित 7 बच्चे मिले थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इलाज के बाद सभी ठीक हैं। यह फैलने वाला रोग है, इसके बाद से विभाग इसको लेकर अलर्ट है। वहीं एसटीएच की बाल रोग विभाग की ओपीडी में भी रोज 1-2 बच्चे एचएफएमडी से पीड़ित आ रहे हैं। मामले में बच्चों को परिजनों को जागरूक कर आइसोलेशन में रहने को कहा जा रहा है। लक्षण  1. छह साल से कम उम्र वाले बच्चों में दिक्कत ज्यादा देखी जा रही है। 2. इसमें तेज बुखार आना, गले में दर्द, खाना खाने में दिक्कत, मुंह में दाने अथवा छाले होने लगते हैं। 3. कुछ मामलों में इसके अलावा हाथ और पैरों पर फफोलेदार दाने भी आने लग जाते हैं। 4. एचएफएमडी बीमारी कॉक्सेकी वायरस की वजह से होती है। 5. इस बीमारी को ठीक होने में आठ से दस दिन का समय लगता है। इनका रखें ध्यान 1. बच्चे को एचएफएमडी का शक होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। 2. स्कूल या ट्यूशन आदि जगह न भेजें, ताकि अन्य बच्चों में यह बीमारी न फैले। 3. एचएफएमडी के लक्षण दिख रहे हैं तो उसे आइसोलेट करना चाहिए। 4. बच्चे के खानपान का ध्यान रखें और उसे लिक्विड डाइट देते रहें। 5. वयस्कों में इसके फैलने की संभावना बहुत कम रहती है। छोड़े-बड़े सभी अस्पतालों व स्कूलों में एचएफएमडी को लेकर अलर्ट जारी किया है। साथ ही एडवाइजरी भी जारी की गई है। कुछ दिन पहले भवाली, भीमताल में कुछ एचएफएमडी पीड़ित बच्चे मिले थे। सभी की हालत ठीक है। यह फैलने वाली बीमारी है, लेकिन जानलेवा नहीं है। जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। डॉ. भागीरथी जोशी, सीएमओ नैनीताल