उत्तराखंड

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने वन भूमि को ले कर कही ये बात

वन भूमि पर सिर्फ छोटे-छोटे अतिक्रमण हटाने से काम नहीं चलेगा। बड़े रसूखदारों ने भी अगर जंगल की एक इंच भी भूमि कब्जाई है तो उन्हें भी हटाएं। ये बात सोमवार को वसंत विहार स्थित एक होटल में रेंजर संघ के अधिवेशन में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कही। उन्होंने मंच से ही पीसीसीएफ विनोद सिंघल और चीफ गढ़वाल सुशांत पटनायक को भी अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

उत्तरकाशी के सांकरी में नकल माफिया हाकम सिंह का वन भूमि पर अतिक्रमण की बात पर भड़क वन मंत्री ने कहा कि हाकम जैसे लोग वन भूमि कब्जा लेते हैं तो ये भी वन विभाग की ही कमी है। ऐसे लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई हो। यही नहीं उन्होने ये तक कहा कि अगर वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी सतर्क रहेंगे और अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे तो हाकम जैसे लोग ऐसे अतिक्रमण नहीं कर सकते। उन्होंने वन भूमि पर बने रिजार्ट,होटल या अन्य निर्माण पर तत्काल कार्रवाई के लिए कहा। वन मंत्री ने रेंजरों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी जायज मांगों पर सरकार गंभीरता से कार्रवाई करेगी। सम्मेलन में रेंजर राकेश नेगी, डा. उदय गौड़, जितेंद्र गुसाईं, अनिल जोशी, ममता चंद, शिवांगी डिमरी और विजय सैनी सहित प्रदेश भर के 110 रेंजर मौजूद रहे।

ये उठायी प्रमुख मांगें

पुलिस की तरह जोखिम व पोषण भत्ता दिया जाए।

डिप्टी रेंजरों को टैरिटोरियल रेंजों से तत्काल हटाया जाए।

रेंजरों को आधुनिक हथियार और उन्हें चलाने की अनुमति दी जाए।

एक माह का अतिरिक्त वेतन दिया जाए।

सेवा काल में एक बार निजी उपयोग के लिए वन निगम से लकड़ी दी जाए।

रेंजरों को पांच लाख तक के कामों कराए जाने का वित्तीय अधिकार मिले।

रेंजों में रेंजर क्लर्क के पद सृजित किए जाएं।

सभी रेंजों में खलासी व अर्दली के पद सृजित किए जाएं।