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रेलवे ने रक्षाबंधन के मौके पर लिया ये बड़ा फैसला, पढ़े पूरी खबर

Indian Railways: त्‍योहारों के मौके पर अक्‍सर ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में रिजर्वेशन काउंंटर से लेकर ट्रेन में यात्रा के दौरान यात्रियों की मारामारी होती है। यात्रियों की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में रेलवे ने रक्षाबंधन के मौके पर बड़ा फैसला लिया है।
रेलवे ने रक्षाबंधन पर्व पर यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा और अधिक से अधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने वाली छपरा-दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त स्लीपर कोच की सुविधा अस्थायी रूप से उपलब्ध कराई गई है। यह सुविधा गाड़ी संख्या 15159 छपरा-दुर्ग एक्सप्रेस में एक अगस्त से 31 अगस्त तक और गाड़ी संख्या 15160 दुर्ग-छपरा एक्सप्रेस में दो अगस्त से एक सितंबर तक उपलब्ध रहेगी। सहयोग के नाम से अब जाना जाएगा रेलवे स्टेशन का पूछताछ काउंटर रेल मंत्रालय ने रेलवे स्टेशनों पर स्थित पूछताछ काउंटर के नाम को परिवर्तित कर सहयोग करने का आदेश जारी किया है, लिहाजा पूछताछ काउंटर अब सहयोग के नाम से जाना जाएगा। भारतीय रेल द्वारा यात्री सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर ट्रेनों से संबंधित पूछताछ के लिए सभी महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में पूछताछ काउंटर (इंक्वायरी बूथ) उपलब्ध कराए गए हैं। इन काउंटरों के जरिए ट्रेनों की स्थिति, किस प्लेटफार्म पर आने वाली है समेत अन्य जानकारी यात्री हासिल करते हैं। रेलवे स्टेशनों पर मौजूद इंक्वायरी बूथ यात्रियों की काफी सहायता करते हैं।
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वीवो कंपनी के रायपुर आफिस में ईडी की टीम ने मारा छापा, देशभर में 44 ठिकानों पर कार्रवाई जारी…

ED raids Vivo office in Raipur: चीनी स्‍मार्टफोन मोबाइल निर्माता वीवो कंपनी के रायपुर आफिस में प्रवर्तन निदेशालय ईडी की टीम ने छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि राजधानी के तेलीबांधा स्थित वीवो दफ्तर में ईडी के करीब दर्जनभर से ज्यादा अधिकारी मौजूद हैं। छापेमारी के दौरान ईडी की टीम लैपटाप, हार्ड डिस्क समेत कई इलेक्‍ट्रानिक डिवाइस की जांच कर रही है। वीवो के देशभर में 44 ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई जारी है।News Updating…
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छत्‍तीसगढ़ में लगातार बढ़ते जा रहे कोरोना के मामले, इन शहरों में बढ़े केस, जानें लेटेस्‍ट अपडेट

छत्‍तीसगढ़ में कोरोना संकमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्रदेश में रोजाना यह आंकड़ा 100 के करीब पहुंच चुका है। रविवार को रायपुर में 42 केस मिले। राज्य भर में कोरोना संक्रमण के 98 मामले सामने आए।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार दुर्ग में 36, बिलासपुर में 12, बलरामपुर में चार, जशपुर में दो समेत अन्य जिलों में कोरोना वायरस के मामले सामने आए। राज्य में सक्रिय मरीजों की बात करें तो सर्वाधिक 197 सक्रिय मरीज रायपुर में है। वहीं 118 दुर्ग में और 56 बिलासपुर में हैं। सभी मरीजों का इलाज जारी है।

कोरोना नियंत्रण अभियान के राज्य नोडल अधिकारी डा. सुभाष मिश्रा ने बताया कि लगातार कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर जिला स्तर पर जांच और इलाज की व्यवस्था बेहतर करने निर्देश दिए गए हैं। लगातार सैंपल जांच की संख्या बढ़ाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक मरीजों की पहचान कर संक्रमित मरीजों को इलाज उपलब्ध करा सकें।

कोरोना वायरस के वेरिएंट को लेकर उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो संक्रमण का वेरिएंट है, वह पुराना ही है। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। हमने नए वेरिएंट की पहचान के लिए कुछ सैंपल जीनोम जांच के लिए भेजे हैं, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को आने वाली है।

राज्य में 2.17 प्रतिशत पाजिटिविटी दर

प्रदेश में 4,000 से अधिक सैंपल जांच किए गए। इसमें पाजिटिविटी दर 2.17 प्रतिशत रहा है, जबकि इससे पहले 25 जून को 10 हार जांच में 0.86 प्रतिशत, 24 जून को सात हजार जांच में 1.7 प्रतिशत, 23 जून को नौ हजार जांच में 16 प्रतिशत पाजिटिविटी दर रही।

18 आयु वर्ग से अधिक 11 प्रतिशत को लगनी है दूसरी डोज

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना से बचाव के लिए राज्य में अब तक 4 करोड़ 13 लाख से अधिक टीकाकरण किया गया है। 18 आयु वर्ग से अधिक के 1.99 करोडत लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसमें पहली डोज शत-प्रतिशत लोगों को लगाई जा चुकी है, वहीं 89 प्रतिशत को दोनों डोज लगाई गई है। कुल 11 प्रतिशत को दूसरी डोज लगानी बाकी है।

स्वास्थ्य मंत्री की हालत स्थिर

बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव दो दिन पहले कोरोना पाजिटिव हो गए थे। दिल्ली प्रवास से लौटने के बाद लक्षणों को देखते हुए उन्होंने कोरोना जांच कराई। इसमें उनकी रिपोर्ट पाजिटिव आई है। स्वास्थ्य मंत्री इस वक्त होम आइसोलेशन में हैं। उनकी हालत अभी स्थिर बताई जा रही है।

कोरोना नियंत्रण अभियान के राज्य नोडल अधिकारी डा. सुभाष मिश्रा ने कहा, कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सभी मास्क, शारीरिक दूरी व बचाव के अन्य नियमों का पालन करें।

राज्य में सप्ताह भर के कोरोना मामले

जून- केस

20 – 69

21 – 88

22 – 131

23 – 114

24 – 82

25 – 92

26 – 98

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राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही छत्तीसगढ़ में तेज हुई सियासत, सीएम ने राज्यपाल की उपेक्षा का लगाया आरोप

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही छत्तीसगढ़ में सियासत तेज हो गई है। एनडीए ने राष्ट्रपति पद के लिए ओडिशा की आदिवासी नेत्री और पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में मुर्मू के नाम को फाइनल करने के बाद यह चर्चा शुरू हुई कि छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके भी प्रबल दावेदार थीं। उइके को उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिए बयान के बाद प्रदेश में राजनीति तेज होती नजर आ रही है।
नेता प्रतिपक्ष सफाई देते हुए कहा- किसी की नहीं की गई उपेक्षा नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने मीडिया से चर्चा में कहा कि राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने में किसी की उपेक्षा नहीं की गई। राष्ट्रीय नेतृत्व ने आदिवासी वर्ग से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनने का फैसला किया। इसके बाद स्वाभाविक रूप से आदिवासी वर्ग के राज्यपाल, केंद्रीय मंत्रियों और सामाजिक क्षेत्र में काम करने वालों के नाम पर विचार किया जाता है। भाजपा संसदीय बोर्ड ने मुर्मू के नाम को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में घोषित किया। इसे किसी की उपेक्षा से जोड़कर देखना ठीक नहीं है। बता दें कि दिल्ली से लौटे मुख्यमंत्री बघेल ने कहा था कि उइकेकांग्रेस की पृष्ठभूमि से हैं इसलिए उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नहीं बनाया गया। अर्जुन सिंह सरकार में थीं मंत्री दरसअल, उइके वर्ष 1985 से 1990 तक विधानसभा क्षेत्र दमुआ से विधायक रही हैं। मध्य प्रदेश की अर्जुन सिंह सरकार में वे वर्ष 1988 से 1989 तक महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री भी रही हैं। हालांकि बाद में उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। भाजपा में आने के बाद उइके वर्ष 2006 में राज्यसभा सदस्य बनीं। उसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग और अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य रहीं। वर्तमान में वह छत्तीसगढ़ की राज्यपाल हैं।
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 आरबी अस्पताल में कोरोना संक्रमित एक महिला की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने की पुष्टि…

आरबी अस्पताल में कोरोना संक्रमित एक महिला की मौत हो गई है। वहीं अब बढ़ते संक्रमण के बीच वायरस अपना घातक असर दिखाने लगा है। इसके साथ ही होम आइसोलेशन में चल रहे मरीज़ों की निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने निर्देशित किया है कि जिस भी मरीज की हालत बिगड़ रही है, उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाए, ताकि मरीज़ों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
ग्राम धुमा निवासी 72 वर्षीय सोनबाई यादव की तबीयत बिगड़ने लगी थी और उसमें कोरोना के लक्षण साफ नजर आ रहे थे। ऐसे में कोरोना जांच में उनके संक्रमित होने की पुष्टि की गई। इसके बाद उनका होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं आया। ऐसे में 20 जून को उन्हें आरबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं बुधवार की शाम उनकी मौत हो गई। 123 दिन बाद हुई है मौत लगभग चार महीने से मौत का सिलसिला थमा हुआ था। इससे पहले बीते 16 फरवरी को एक 18 वर्षीय युवती की मौत हुई थी। इसके 123 दिन बाद फिर कोरोना से एक बुजुर्ग महिला की मौत हुई है। साफ है कि धीरे— धीरे कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है और इसके घातक परिणाम सामने आ रहे हैं। गाइडलाइन का पालन करने की अपील सीएमएचओ डा. प्रमोद महाजन का कहना है कि मामले लागातार बढ़ते ही जा रहे हैं। मौजूदा स्थिति में 54 मरीज सक्रिय हैं। ऐसे में अब फिर से कोरोना गाइडलाइन का पालन करना जरूरी हो गया है। लापरवाही की गई तो मामले बढ़ते ही जाएंगे। उन्होंने मास्क लगाने और फिजिकल डिस्टेंस का पालन करने की हिदायत दी है। साथ ही कोरोना लक्षण आने पर तत्काल कोरोना जांच कराने की सलाह दी है।
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बोरवेल में गिरे 11 साल के राहुल को 105 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल निकाला बाहर, मिलने के लिए अस्पताल जाएंगे सीएम भूपेश

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पिरहिद गांव में बीते शुक्रवार की दोपहर अपने ही घर के बोरवेल में गिरे 11 साल के राहुल को 105 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल बाहर निकाला गया है। सीएम भूपेश बघेल आज राहुल से मिलने अस्पताल जाएंगे।
इससे पहले सीएम भूपेश ने मीडिया को राहुल के सकुशल बोरवेल से बाहर निकाले जाने की जानकारी दी। उन्‍होंंने बताया कि 105 घंटे तक लगातार चले रेसक्‍यू अभियान के बाद मंगलवार की रात सुरक्षित निकाल लिया गया। फिलहाल राहुल अस्‍पताल में डाक्‍टरों की निगरानी में पूरी तरह स्‍वस्‍थ्‍य है। मुख्‍यमंत्री बघेल ने इस मौके पर रेसक्‍यू अभियान में लगी टीम को भी बधाई दी। उन्‍होंने ट्वीट कर कहा, यह राहुल के साथ-साथ समूचे छत्तीसगढ़ की जीत है। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल सभी ने अनुकरणीय कर्तव्यनिष्ठा का पालन किया है। बतादें कि जांजगीर-चांपा जिले के पिहरीद गांव में बोरवेल के गड्ढे में गिरे 10 साल राहुल ने आखिरकार जिंदगी की जंग जीत ली। करीब 105 घंटे 56 मिनट तक लगातार चले रेस्क्यू के बाद मंगलवार की रात उसे सुरक्षित निकाल लिया गया। बाहर आते ही उसे चिकित्सकों की निगरानी में बिलासपुर के अपोलो अस्पताल रवाना कर दिया गया। इसके लिए दोपहर से ही ग्रीन कारिडोर बनाकर तैयारी कर ली गई थी। बोरवेल में गिरे किसी बच्चे को बचाने के लिए इसे देश का सबसे लंबा रेस्क्यू माना जा रहा है। दस जून को दोपहर करीब तीन बजे रामकुमार उर्फ लालाराम साहू के बेटा राहुल खेलते-खेलते बाड़ी में खुले बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। प्रशासन तक यह सूचना पहुंचने के बाद से राहुल को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार चले रेस्क्यू के बाद मंगलवार रात 11.56 बजे उसे निकाल लिया गया। इस पूरे अभियान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), गुजरात की रोबोटिक टीम, जिला प्रशासन, पुलिस के साथ ही अंत में सेना ने निर्णायक भूमिका निभाई। राहुल को सकुशल निकालने के लिए चार पोकलेन, छह जेसीबी, तीन फायर ब्रिगेड, हाईड्रा मशीन, स्टोन ब्रेकर, 10 ट्रैक्टर, ड्रील मशीन, होरिजेंटल ट्रंक मेकर आदि लगाई गई थीं। राह में आए सभी रोड़ों से पाया पार राहुल को बचाने के लिए पहले बोरवेल से थोड़ी दूर से खोदाई शुरू की गई। करीब 65 फीट की खोदाई के बाद उस तक पहुंचने के लिए सोमवार से सुरंग बनाने का काम शुरू हुआ। इसके बाद राहुल और रेस्क्यू टीम के बीच बड़ी-सी चट्टान आ गई। राहुल चट्टान के ऊपर था। ऐसे में उस तक पहुंचने के लिए चट्टान को हैंड ड्रिलिंग मशीन से काटा गया। गजब की जिजीविषा सुनने और बोलने में अक्षम व मानसिक रूप से कमजोर इस बालक ने इस विपत्ति के समय जिस तरह की जिजीविषा दिखाई, वह अपने आप में अचंभित करने वाला है। बोरवेल में पानी भी भरने लगा था। इसी गड्ढे में सांप भी आ गया था, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। रेस्क्यू टीम की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे खाने-पीने की चीजों को खाकर अपनी हिम्मत बनाए रखा।    
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मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ के इन क्षेत्रों में भी गिर सकती है बिजली…

अगले कुछ दिनों में ही प्रदेश के लोगों को चिलचिलाती धूप व उमस से राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के लिए अब परिस्थितियां अनुकूल होने लगी हैं। साथ ही द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश में बन रहे सिस्टम के कारण शनिवार को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में बिजली भी गिर सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अब अधिकतम तापमान में गिरावट का दौर जारी रहेगा।
दिन की चिलचिलाती धूप व उमस के साथ अब रात में भी गर्मी बढ़ने लगी है। रात का पारा बढ़ने की वजह से रात में गर्मी और ज्यादा बढ़ने लगी है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि शनिवार से मौसम का मिजाज थोड़ा बदलेगा। हालांकि शुक्रवार को प्रदेश भर में सुबह से ही आंशिक रूप से बादल छाए रहे। दोपहर के समय तेज धूप भी निकली। रायपुर का न्यूनतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक है। इसी प्रकार अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान एआरजी नवा रायपुर में 41.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हल्की वर्षा के आसार मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि एक द्रोणिका मध्य उत्तर प्रदेश से पश्चिमी असम तक 0.9 किमी ऊंचाई तक विस्तारित है। साथ ही दूसरा द्रोणिका उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश से पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे तटीय उत्तर आंध्र प्रदेश तक 0.9 किमी ऊंचाई तक है। इसके प्रभाव से शनिवार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की वर्षा के साथ ही गरज चमक के साथ छींटे पड़ सकते है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में बिजली भी गिर सकती है। अधिकतम तापमान में गिरावट का दौर जारी रहेगा। यह रहा तापमान रायपुर 41.6 32.5 बिलासपुर 41.6 30.8 जगदलपुर 35.7 27.5 अंबिकापुर 40.0 28.6 पेन्ड्रा 41.0 27.2 (अधिकतम व न्यूनतम तापमान डिग्री सेल्सियस में)
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बिल्हा क्षेत्र के देवकिरारी में चाट खाने के बाद 22 बच्चों व महिलाओं की तबीयत खराब, एक की मौत

बिल्हा क्षेत्र के देवकिरारी में रविवार को चाट खाकर एक के बाद एक 22 बच्चों व महिलाओं की तबीयत खराब हो गई। इससे हड़बड़ाए स्वजन बच्चों को लेकर बिल्हा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। सोमवार को चार बच्चों की हालत गंभीर होने पर सिम्स रेफर किया गया। यहां पहुंचने से पहले ही नौ साल की बच्ची ने दम तोड़ दिया। उसकी बड़ी बहन को सिम्स में भर्ती कराया गया है। वहीं, दो बच्चों का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। बिल्हा क्षेत्र के देवकिरारी में रहने वाली त्रिवेणी कोसले ने बताया कि रविवार की शाम गांव में चाट गुपचुप बेचने वाला आया था।
गांव के बच्चों व महिलाओं ने उसके पास से खरीदाकर चाट और गुपचुप खाया। इसके बाद अपने घर आ गए। रात में एक एक कर बच्चों व महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी। अचानक गांव में एक साथ बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर गांव वाले घबरा गए। उन्होंने डायल 112 और 108 में फोन लगाया। बीमार बच्चों को 112 और एंबुलेंस से बिल्हा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां पर भर्ती कर 22 बच्चों का उपचार किया जा रहा था। सोमवार को त्रिवेणी की बेटी मीनाक्षी कोसले(09) और साक्षी कोसले(11) की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद उन्हें सिम्स रेफर कर दिया। इसके साथ ही दो और बच्चों को सिम्स रेफर किया गया। सिम्स पहुंचने पर डाक्टरों ने मीनाक्षी को मृत घोषित कर दिया। वहीं साक्षी को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। उपचार के दौरान साक्षी की हालत स्थिर है। दो और बच्चों का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। मिनी ने जिद की तो खिलाया चाट सिम्स में भर्ती साक्षी अपनी बहन की मौत के बाद से रो रही है। उसने रोते हुए बताया कि चाट वाले को देखते ही मिनी(मीनाक्षी) मचलने लगी। मिनी की जिद के कारण उसने मां से स्र्पये मांगकर उसे चाट खिलाया। इसके बाद दोनों बहन अपने घर आ गई। अपनी बहन की याद आते ही वह अपना दर्द भूलकर रोने लगती है। मेरी गोद में थी बेटी त्रिवेणी ने बताया कि रविवार को दिनभर उसकी दोनों बेटियां घर में ही थी। चाट वाले के आने पर उसने बच्चों को स्र्पये दिए। इसके बाद वह घर के काम में व्यस्त हो गई। रात तक दोनों बच्चों ने काई शिकायत नहीं की। देर रात से उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सोमवार को दोनों बेटियों को सिम्स के लिए रेफर किया गया। छोटी बेटी ने उसकी गोद में ही दम तोड़ दिया। घबराए हुए हैं स्वजन रविवार की रात देवकिरारी के बच्चों और महिलाओं की तबीयत एक साथ बिगड़ गई। वहीं, सोमवार को एक बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद बिल्हा और निजी अस्पताल में भर्ती बच्चों के स्वजन घबराए हुए हैं। इसकी जानकारी के बाद गांव के लोग भी सिम्स पहुंचने लगे हैं।