उत्तराखंड प्रदेश

महात्मा गांधी की 153वीं जयंती पर, पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी

महात्मा गांधी की 153वीं जयंती पर उत्‍तराखंड ने बापू को याद किया और श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने कहा कि हमें अपने आचरण में अहिंसा का भाव जागृत करने के साथ ही मानवता के प्रति करुणा का भाव पैदा करना होगा।

महात्मा गांधी की 153वीं जयंती पर उत्‍तराखंड ने बापू को याद किया और श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जन्म जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान प्रदेश में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क देहरादून में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी ने सत्य एवं अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए सबको प्रेरित किया। भारत को आजादी दिलाने के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने आचरण में अहिंसा का भाव जागृत करने के साथ ही मानवता के प्रति करुणा का भाव पैदा करना होगा। यही हमारी उनके प्रति सच्ची श्रद्वांजलि होगी। इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट भी उपस्थित थे।

इसके बाद मुख्यमंत्री धामी ने शहीद स्थल कचहरी में उत्‍तराखंड राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्‍तराखंड राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष के परिणाम स्वरूप ही हमें नया राज्य मिला। शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के सपने के अनुरूप राज्य के विकास के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है।

2025 तक उत्‍तराखंड को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना है, जिससे कि राज्य आन्दोलन के शहीदों के सपनों के अनुरूप प्रदेश का समग्र विकास किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य आन्दोलनकारियों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए

सचिवालय में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता कर्मियों को भी सम्मानित किया।विधानसभा भवन देहरादून में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी ने दोनों महान विभूतियों के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सहित सभी कार्मिकों द्वारा रामधुन भी गायी गई।

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चारधाम यात्रा में टूटा श्रद्धालुओं के दर्शन करने का रिकॉर्ड: CM धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया इस साल-2022 में चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड टूटा है। बदरीनाथ-केदारनाथ सहित चारों धामों में अब तक 38 लाख से ज्यादा तीर्थ यात्री दर्शन कर चुके हैं। चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार तत्परता से कार्य कर रही है।

बताया कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है, ताकि खराब मौसम में भूस्खलन की वजह से बंद सड़कों को प्राथमिकता से खोला जा सके। सीएम धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा करने के लिए पंजीकरण व्यवस्था को अनिवार्य तौर से लागू किया गया है।

सीएम धामी ने कहा चारधाम के कपाट बंद होने से पहले उत्तराखंड यात्रा पर एक नया कीर्तिमान बनाएगा। यात्रा रूट पर श्रद्धालुओं को हर संभव बेहतर सुविधा दी जा रही है। केदारनाथ धामी की तर्ज पर ही बदरीनाथ धाम का भी पुनर्निर्माण किया जा रहा है, जिसके बाद भारी संख्या में तीर्थ यात्री रात्रि प्रवास कर सकेंगे।

इस धाम में पहुंचे सर्वाधिक तीर्थ यात्री 
8 मई से शुरू हुई बदरीनाथ धाम की यात्रा में 1409395 और 6 मई से शुरू केदारनाथ धाम में 1291749 तीर्थ यात्री दर्शन कर चुक हैं। 3 मई से शुरू हुई गंगोत्री धाम में 570011 और यमुनोत्री धाम में 450204 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। 29 सितंबर  शाम तक उत्तराखंड चारधाम पहुंचे संपूर्ण तीर्थयात्रियों की संख्या 3721359 तक पहुंच गई थी। हेमकुंड साहिबपहुंचे तीर्थयात्रियों की संख्या कपाट खुलने की तिथि 22 मई से अब अब तक 216715 तक पहुंच गई है। चारधाम यात्रा मार्ग सुचारू हैं। लेकिन कई स्थानों पर आंशिक भूस्खलन जोन में यातायात प्रभावित ‌।

मानूसनी सीजन में चारधाम यात्रा पर लगी थी ब्रेक
केदारनाथ-बदरीनाथ सहित चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में थोड़ी कमी दर्ज की थी। मानसूनी सीजन में  बरसात की वजह से संख्या में कमी दर्ज की थी। बारिश को लेकर अलर्ट पर भी यात्रा पर असर देखने को मिला था, लेकिन मौसम साफ होते ही चारधाम यात्रा ने एक बार फिर तेजी देखने को मिली। ऋषिकेश स्थित पंजीकरण केंद्र में रजिस्ट्रेशन कराने वालों की भारी संख्या देखी जा रही है।

गंगोत्री हाईवे बंदरकोट में छह घंटे बंद रहा
गंगोत्री हाईवे पर सुबह बंदरकोट के समीप भूस्खलन से आवाजाही करीब छह घंटे तक ठप रही। इस कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों सामना करना पड़ा। यात्री मार्ग के दोनों ओर जाम में फंसे रहे। गंगोत्री हाईवे पर बंदरकोट के समीप बिना बारिश के भी चट्टान दरकने का सिलसिला रूक नहीं रहा है।

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केदारनाथ धाम में हुआ हिमस्खलन, अलर्ट मोड पर जिला प्रशासन

केदारनाथ में कोई आपदा की आहट तो नहीं ?  केदारनाथ धाम में पिछले 10 दिनों में दो बार हिमस्खलन हुआ है। केदारनाथ धाम के पास चोराबारी ग्लेशियर पर आज शनिवार सुबह बर्फ के पहाड़ के भरभराकर गिरने से तीर्थ यात्रियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल देखने को मिला। लेकिन, राहत की बात रही कि धाम और किसी भी तीर्थ यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। भूस्खलन के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। पुलिस-प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही तीर्थ यात्रियों को एहतियात बरतने की भी सलाह दी जा रही है। आपको बता दें कि वर्ष 2013 में केदार वैली में चोराबाड़ी झील के टूटने से मंदाकिनी नदी में बाढ़ आ गई थी। आपदा में हजारों श्रद्धालुओं की जान भी गई थी। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि केदारनाथ धाम के पास हिमस्खलन हुआ है, लेकिन राहत की बात है कि किसी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। बताया कि केदारनाथ धाम पूरी तरह से सुरक्षित है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवार ने बताया कि शनिवार सुबह पांच  बजे के करीब हिमस्खलन हुआ है, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर सामान्य है। यह मंदिर परिसर से 5 किलोमीटर दूर की घटना है। मानसून की विदाई नहीं, पांच से बारिश होगी उत्तराखंड से अभी मानसून की विदाई नहीं हुई है। पांच से नौ अक्टूबर तक बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने जारी किया है। उसके बाद ही उत्तराखंड से मानसून विदा होगा। मौसम विज्ञान निदेशक डा. बिक्रम सिंह ने बताया कि राजस्थान, हरियाणा, पश्चिमी यूपी, दिल्ली के कुछ हिस्सों से मानसून विदा हुआ है। उत्तराखंड में पांच अक्टूबर से बारिश का अनुमान है। बारिश हल्की से मध्यम हो सकती है। सभी जिलों को इसके लिए सूचना भेज दी गई है। कहा कि कई जगह उत्तराखंड से मानसून की विदाई की जानकारी दी गई, जो सही नहीं है। बारिश का एक दौर अभी और दिखाई दे रहा है, उसकी के बाद मानसून की विदाई मानी जाएगी।  
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उत्तराखंड को राष्ट्रपति से मिला यह पुरस्कार, पढ़े पूरी ख़बर

नई दिल्ली में आयोजित 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार मिला। उत्तराखंड की ओर से सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह पुरस्कार प्राप्त किया। यह पुरस्कार मिलने पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा यह गौरवान्वित करने वाला है। उत्तराखंड के लिए गौरव की बात समारोह के बाद सूचना महानिदेशक तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड का चयन इस पुरस्कार के लिए गौरव की बात है। उत्तराखंड ने बेहद कम समय में अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह पुरस्कार प्राप्त किया है। यह पुरस्कार मिलने से उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग को और ज्यादा प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने बताया कि फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई अहम फैसले लिए। इन्हीं फैसलों के चलते राज्य में फिल्म निर्माता निर्देशकों के लिए अनुकूल माहौल बन पाया। इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप आज उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राज्य में शूटिंग के लिए नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क तिवारी ने बताया कि सीएम के निर्देश पर प्रदेश की फिल्म नीति और अधिक आकर्षक बनाई जा रही है। शूटिंग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के तहत मंजूरी दी जा रही है। राज्य में शूटिंग के लिए कोई शुल्क भी नहीं लिया जा रहा है। नई फिल्म नीति में 1.5 करोड़ रुपये तक के अनुदान की व्यवस्था है। शूटिंग के दौरान पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। स्थानीय सिनेमाघरों में सप्ताह में एक शो क्षेत्रीय फिल्मों का अनिवार्य रूप से दिखाया जाना है ताकि राज्य में अधिकाधिक फिल्म निर्माता आएं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके बढ़ेंगे। धामी ने जताई खुशी राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, यह पुरस्कार देवभूमिवासियों के लिए गौरवान्वित करने वाला है। सभी को हार्दिक बधाई। राज्य सरकार फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए हरसम्भव प्रयास कर रही है। फिल्म शूटिंग संबंधी अनुमति प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। फिल्म नीति को और बेहतर बनाया जाएगा।
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RSS पदाधिकारी की अंकिता को ले कर अपमानजनक टिप्पणी पर भड़क जनाक्रोश

आरएसएस (RSS) पदाधिकारी की अंकिता और उसके माता-पिता पर की गई अभद्र टिप्पणी से जनाक्रोश भड़क गया है। बुधवार को भारी संख्या में एकत्रित हुए ग्रामीणों ने रायवाला थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि अपमानजनक टिप्पणी करने वाले आरएसएस पदाधिकारी पर मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए। इस दौरान थाना प्रभारी के खिलाफ भी नारेबारी कर विरोध किया। आरोप लगाया कि पुलिस आरएसएस पदाधिकारी को शह दे रहे हैं। इस दौरान हाईवे पर सांकेतिक जाम भी लगाया गया, जिससे दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। मालूम हो कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचार प्रमुख विपिन कर्णवाल की ओर से दिवंगत अंकिता भंडारी के परिवार पर की गई अभद्र टिप्पणी से सोशल मीडिया पर घमासान मच गया। लोग आरएसएस नेता की टिप्पणी पर भड़क गए और उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई। विरोध के बीच आरएसएस नेता ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी। उन्होंने अपनी सफाई में एक वीडियो डाला, जिसमें अंकिता के पिता पर अभद्र नारे-टिप्पणी करते हुए दिखाया गया है। कर्णवाल के बयान से संघ पदाधिकारियों की स्थिति भी असहज हो गई। संघ नेता के खिलाफ अलग-अलग थानों में तहरीर देकर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। कर्णवाल संघ में हरिद्वार, रुड़की व ऋषिकेश के विभाग प्रचार प्रमुख हैं। मंगलवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा-जो बाप और भाई 19 साल की लड़की की कमाई खाता हो और बाद में लड़की की लाश भी बेच दे, उसके लिए क्या चिल्लाना। सबसे बड़ा गुनहगार तो लड़की का बाप है। उन्होंने इसके अलावा भी अभद्र-आपत्तिजनक टिप्पणी कर डाली, उसे यहां लिखा नहीं जा सकता। जैसे ही उन्होंने इसे पोस्ट किया,उसके कुछ देर बाद सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी का जबरदस्त विरोध शुरू हो गया। लोगों ने तीखा विरोध जताया। संघ भी कई लोगों के निशाने पर आ गया। लोगों ने इस टिप्पणी को उत्तराखंड की संस्कृति के खिलाफ बताया। कर्णवाल की संघ के बड़े पदाधिकारियों के साथ फोटो वायरल होने लगी। सूत्र बताते हैं कि संघ के पदाधिकारियों ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए कर्णवाल को फटकार लगाई। इसके बाद कर्णवाल ने इस पोस्ट को सोशल मीडिया से हटा लिया।  
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के परिजनों को आर्थिक मदत देने का किया एलान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दिवंगत अंकिता भंडारी के परिजनों को 25 लाख रूपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिये निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार अंकिता के परिवार के साथ है और उनकी हर प्रकार से सहायता करेगी। मामले की एसआईटी जांच की जा रही है। पूर्ण निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द जांच पूरी की जाएगी। मामले से संबंधित हर तथ्य को जुटाते हुए पुख्ता तरीके से रिपोर्ट तैयार कर अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। अपराधियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी जो आगे के लिए भी नजीर बने। पीड़ितत परिवार को त्वरित न्याय मिल सके, इसके लिये फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के लिए माननीय न्यायालय से अनुरोध किया गया है।
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दंपति ने खोले पुलकित आर्य के आलीशान रिर्जाट से जुड़े कई राज़

अंकिता हत्याकांड मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। रिजॉर्ट में काम करने वाले पूर्व स्टाफ ने प्रताड़ित होकर यहां से किसी तरह से भागकर जान बचाई। मेरठ में रहने वाले दोनों पति-पत्नी बीते जून महीने तक यहीं काम कर रहे थे। केवल 2 महीनों में वह इतना परेशान हो गए कि उन्हें रातोंरात यहां से भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। पति-पत्नी ने आपबीती मीडिया को बताई । दरअसल देहरादून की रहने वाली इशिता की शादी विवेक से हुई थी। दोनों ही होटल मैनेजमेंट के कोर्स के बाद नौकरी तलाश रहे थे। इसी बीच उन्हें पुलकित आर्य के रिजॉर्ट पर स्टाफ रिक्वायरमेंट की जानकारी मिली। इसके बाद दोनों की नौकरी लग गई। आरोप है कि लगभग 2 महीनों की नौकरी में ही दोनों पति-पत्नी इतने परेशान हो गए कि उन्हें रातोंरात यहां से भागना पड़ा। पूर्व स्टाफ इशिता बताती हैं कि पुलकित आर्य उन्हें इतना परेशान कर रहा था कि कई बार उन्होंने यहां से भागने की कोशिश की। वह बताती है कि उनके ऊपर चोरी का आरोप लगा दिया था। चोरी का आरोप लगाने के बाद उनसे बाकायदा लिखित में माफी मंगवाई, जबकि उन्होंने चोरी नहीं की थी। प्रताड़ना झेल रहे पति-पत्नी किसी तरह से यहां से निकले। पति-पत्नी ने इस रिजॉर्ट को लेकर कई प्रकार के आरोप लगाए। आरोप लगाया कि यहां कुछ ऐसी लड़िकयों का आना जाना रहता था, जिसके बारे में हिदायत थी कि उनके नाम और नंबर नोट नहीं करने हैं। जैसे ही कोई स्टाफ यहां से जाने की कोशिश करता था तो उसको किसी तरह से फंसा दिया जाता। पटवारी को मिलता था विशेष ट्रीटमेंट दोनों पति-पत्नी में बताया कि वह यहां से निकलने में कामयाब नहीं हो पा रहे थे। पुलिस को फोन करने के बाद यह जानकारी पता लगी कि पुलिस तो यहां पर आती ही नहीं। तब हमने पटवारी को फोन किया और पटवारी ने यहां पर आकर उल्टा हमें ही धमकाया और इस बात की भी हिदायत दी कि अगर यहां पर ज्यादा चतुर बनने की कोशिश ही तो अंजाम भुगतने होंगे। पटवारी अमूमन यहां पर कई बार रात और दिन में आया करता था। जब शिकायत पटवारी को दी जाती थी तो उल्टा पटवारी भी ही कर्मचारी को धमकाया करता था  
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इन राज्यों से उत्तराखंड आने वालो पर होगी उत्तराखंड सरकार की कड़ी नजर, पढ़े पूरी ख़बर

यूपी-दिल्ली सहित पड़ोसी राज्यों से उत्तराखंड आने वाले हर बाहरी व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जाएगी। वन और अन्य क्षेत्रों में होटल, रिजॉर्ट या धार्मिक गतिविधियों के लिए हो रहे अतिक्रमण से सख्ती से निपटा जाएगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक कहा कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। अंकिता भंडारी हत्याकांड की वजह से प्रदेश में उपजे आक्रोश के बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई अहम निर्देश दिए।  सीएम धामी ने सभी डीएम को कानून व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही करने के लिए कहा। इस प्रकार की घटना भले ही राजस्व क्षेत्र में हो या सिविल पुलिस के क्षेत्र में, सूचना मिलते ही तत्काल एक्शन लिया जाए। सीएम ने मदरसों का सत्यापन करने के निर्देश देते हुए डेमोग्राफिक परिवर्तन के मामलों में भी सख्ती से कार्रवाई करने को कहा है। सीएम ने कहा कि जिला स्तर पर संबंधित सभी बिंदुओं पर कैलेंडर तैयार कर उसकी हर पंद्रहवें दिन या मासिक समीक्षा करते हुए शासन को रिपोर्ट मुहैया कराई जाए। सीएम ने बैठक में साफगोई से कहा कि प्रदेश में हाल में हुई घटनाओं से प्रदेश की छवि धूमिल हुई है। इस प्रकार की घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए। देवभूमि हमारा प्रदेश है, यहां अमन, चैन व शांति हम सबकी जिम्मेदारी है। अपराधी कोई भी हो उसे बख्शा न जाए। ईमानदारी से कार्य करने वालों को परेशान न किया जाएगा। बाहरी प्रदेशों से आने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में प्रदेश की जन संख्या घनत्व के कारण किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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अंकिता हत्याकांड के बाद धामी सरकार ने होटलों-रिजॉर्ट्स को ले कर शुरू किया ये अभियान

अंकिता हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सख्ती के बाद मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) प्राधिकरण के अंतर्गत  बने होटल-रिजॉर्ट का सत्यापन शुरू करने के लिए अभियान शुरू करेगा। इनमें से जो भी अवैध रूप से या मानकों को ताक पर रखकर बने होंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक दून जिले में 1250 और देहरादून शहर व आसपास 350 के करीब होटल-रिजॉर्ट हैं। सूत्रों के मुताबिक असल संख्या इससे ज्यादा है। इनमें से ऐसे होटल रिजॉर्ट जो नदी किनारे मानकों को ताक पर रखकर बने हैं। उन्हें एमडीडीए चिह्नित करेगा। एमडीडीए प्रबंधन ने 26 सेक्टरों में तैनात समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी है। जल्द टीमें अपने-अपने सेक्टरों में काम शुरू करेंगी। नदी किनारे बने हैं कई होटल रिजॉर्ट : मसूरी, डाकपत्थर से लेकर देहरादून के बीच, ऋषिकेश, मालदेवता क्षेत्र समेत विभिन्न इलाकों में कई होटल रिजॉर्ट बिना एमडीडीए की अनुमति के बने हैं। जहां बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से भी पर्यटक आकर रुकते हैं। ऐसे में कहीं भी अनैतिक गतिविधियां न हो, इसके लिए ऐसे होटल रिजॉर्ट संचालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। ऋषिकेश में सबसे ज्यादा अवैध निर्माण : ऋषिकेश में नदी के किनारे बड़ी संख्या में बिना एमडीडीए की अनुमति के कच्चा पक्का निर्माण कर हट्स, होटल रिजॉर्ट बन रहे हैं। यही हाल कुठाल गेट से लेकर मसूरी के बीच मुख्य सड़कों के किनारे, मसूरी, चकराता क्षेत्र का है। जबकि नदी से एक उचित दूरी पर ही कोई निर्माण कार्य हो सकता है। जिलाधिकारी सोनिका जारी कर चुकी हैं सख्त निर्देश : एमडीडीए में उपाध्यक्ष का पद संभालने के दौरान ही जिलाधिकारी सोनिका ने समस्त अधिकारियों को अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। ऐसे में अब अवैध रूप से बने होटल-रिजॉर्ट के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तय मानी जा रही है। व्यवस्थाओं को ठीक करने के लिए कदम उठाने की जरूरत देहरादून में कुठाल गेट से आगे, मालदेवता क्षेत्र, ऋषिकेश में नदी से सटे इलाकों में हट्स की संख्या दिनोदिन बढ़ती जा रही है। लेकिन इनमें कई जगह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। आने-जाने वालों का विधिवत रिकॉर्ड कई संचालक नहीं रखते। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए शासन और प्रशासन के स्तर से ठोस कदम उठाने होंगे। एमडीडीए की ओर से समस्त सेक्टरों में रिजॉर्ट और होटलों का सत्यापन करवाया जाएगा। यदि कहीं भी अवैध निर्माण पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सेक्टरों में तैनात कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। मोहन सिंह बर्निया, सचिव एमडीडीए  वन मंत्री ने दिए जांच करने के आदेश देहरादून। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने राजाजी निदेशक को वनंतरा रिजॉर्ट की जांच के साथ वन अधिनियम में कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। साथ ही, राजाजी और कॉर्बेट समेत राज्यभर में वन भूमि पर बने रिजॉर्ट या दूसरे अवैध निर्माण की भी जांच के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने अंकिता हत्याकांड को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि आरोपियों पर वन विभाग के स्तर से जो कार्रवाई हो सकती है, उसे करवाएंगे। जो भी अतिक्रमण या नियमों का उल्लंघन करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा।  
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उत्तराखंड के इन 6 ज़िलों में बहुत भरी बारिश होने की आशंका, ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में शनिवार 24 सितंबर को छह जिलों में कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। बारिश को लेकर अगले तीन दिन तक कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के पर्वतीय जिलों में शनिवार से अगले तीन दिन तक कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, ऊधमसिंहनगर व हरिद्वार जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। रविवार को कुमाऊं क्षेत्र में बारिश का अधिक जोर रहेगा। साथ ही कुमाऊं से लगे गढ़वाल के कुछ जिलों में भी कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होगी।

सोमवार को कुमाऊं क्षेत्र के जिलों कहीं कहीं भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। जबकि 27 को पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं कहीं मेघ गर्जन व तीव्र बौछार को लेकर यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मानसून सामान्य बना हुआ है। भारी बारिश को लेकर संवेदनशील इलाकों में मध्यम से हल्का भूस्खलन व चट्टान गिरने के कारण कहीं कहीं सड़कें अवरुद्ध हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में नालों व नदियों के जल स्तर में वृद्धि, कहीं कहीं बिजली गिरने की आशंका है।