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अविवाहित महिलाओं को भी गर्भपात का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने आज एक बड़ा फैसला किया है। कोर्ट ने कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट के तहत अविवाहित महिला को भी गर्भपात का अधिकार है। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि विवाहित और अविवाहित महिलाओं के बीच भेद कृत्रिम और संवैधानिक रूप से अस्थिर है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब एमटीपी के तहत अविवाहित महिला को भी 24 हफ्ते तक गर्भपात कराने का अधिकार मिल गया है

 

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पीएम मोदी और राहुल गांधी को गिफ्ट देना चाहते हैं हरीश रावत

प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक हमेशा चर्चाओं में रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इन दिनों कुमाऊं भ्रमण पर हैं। यहां भी वे चर्चाओं में बने रहने का मौका नहीं चूक रहे हैं। आजकल कभी वे सोशल मीडिया में गांव की पगडंडियां चढ़ते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को बेड़ू (पहाड़ी अंजीर) भेजने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं तो कभी राहुल गांधी को गेठी (अंग्रेजी में एयर पोटैटो) खिलाने की इच्छा जताते हैं।

बहरहाल, उनकी इन बातों के पीछे कहीं न कहीं पहाड़ी क्षेत्रों के उत्पादों को बढ़ावा देने की सोच भी दिखाई दे रही है।  पूर्व सीएम हरीश रावत इन दिनों अल्मोड़ा जिले में स्थित अपने गांव मोहनरी गए हुए हैं। जहां अपने घर की छत पर बैठे हुए उन्होंने बीते रविवार को एक वीडियो सोशल मीडिया में शेयर किया। इसमें वे अपने सामने रखी एक थाली से उबली हुई गेठी खाते हुए उसके साथ काली चाय पी रहे हैं।

गेठी जिंदाबाद, काली चाय जिंदाबाद के हैशटैग के साथ उन्होंने लिखा है कि ‘गुरु हो जा शुरू। याद है आपको, डेढ़ या दो साल पहले मैंने एक वीडियो बनाई थी। यह गेठी है, मेरे गांव की गेठी, बड़ी स्वास्थ्यवर्धक गेठी है। इससे डायबिटीज से लेकर पेट की कई बीमारियां दूर होती हैं।

बल्कि इसको खाते वक्त मेरे मन में इच्छा जग रही है कि काश मैं, भारत जोड़ो यात्री राहुल गांधीजी के पास भी उनके सुबह के नाश्ते के लिए गेठी भेज सकता।’  पीएम मोदी को घेरने का मौका न छोड़ते हुए उन्होंने आगे लिखा कि ‘मुझे पूरी उम्मीद है कि अगले साल तक मोदीजी की मन की बात में मेरे गांव की गेठी भी सम्मिलित हो जाएगी।

इधर, सोमवार की सुबह वे अपने कुछ समर्थकों और गांव के लोगों के साथ पगडंडी चढ़ते हुए तिमिल की खासियत बता रहे हैं। इसके बारे में उन्होंने सोशल मीडिया में लिखा कि ‘मोदी जी 2015-16 तक और उसके बाद मैं अकेले बेड़ू, तिमला कहने वाला था, अब आप भी शामिल हो गए हैं।’

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संजय राउत को कोर्ट से लगा बड़ा झटका, 5 सितंबर तक बढ़ी न्यायिक हिरासत

शिवसेना सांसद संजय राउत को सोमवार को विशेष पीएमएलए अदालत से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 5 सितंबर तक बढ़ा दी है। मालूम हो कि पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले में राउत को एक अगस्त को हिरासत में लिया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राउत के घर पर नौ घंटे तक छापेमारी की और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि छापेमारी के दौरान 11.5 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई।

संजय राउत को फिलहाल आर्थर रोड जेल में रखा गया है। यहीं पर एनसीपी के नेता नवाब मलिक और अनिल देशमुख भी बंद हैं। अदालत ने राउत को अनुमति दी है कि वे घर का खाना खा सकते हैं और दवाईयां भी ले सकते हैं। दरअसल, उन्होंने अदालत से कहा था कि वह दिल के मरीज हैं और उनके लिए बेड की व्यवस्था होनी चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा था कि सीएमओ की ओर से जांच के बाद ही यह आदेश दिया जा सकता है।

राजनीति से प्रेरित कार्रवाई बताते हैं राउत
शिवसेना सांसद की बेल का ईडी ने विरोध किया है। अधिकारियों का कहना है कि अगर उन्हें बाहर निकलने का मौका मिला तो वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। वह सबूतों को मिटा सकते हैं और फिर उनकी रिकवरी कर पाना आसान नहीं होगा। हालांकि, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना और संजय राउत इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं

शिवसेना में बगावत से बिगड़े हालात
गौरतलब है कि इसी साल जून में शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे और 39 विधायकों ने पार्टी से बगावत कर दी थी, जिससे राज्य की उद्धव ठाकरे नीत महाविकास आघाडी सरकार गिर गई। 30 जून को शिंदे को मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता देवेंद्र फडणवीस को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। शिंदे सरकार में गुलाबराव पाटिल के पास जलापूर्ति विभाग है। उद्धव नीत सरकार में भी राव के पास यही विभाग था

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सीएम पिनाराई विजयन से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का वादा, बिना किसी पूर्व सूचना के नहीं खोलेंगे मुल्लापेरियार बांध

 तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन (Tamil Nadu Chief Minister M K Stalin) ने मंगलवार को अपने केरल समकक्ष पिनाराई विजयन (Kerala CM Pinarayi Vijayan) से वादा किया है कि बिना किसी पूर्व सूचना के मुल्लापेरियार बांध (Mullaperiyar Dam) को नहीं खोला जाएगा और न ही इसमें से पानी छोड़ा जाएगा। स्टालिन ने विजयन के पत्र के जवाब में यह बात कही।

 

मुल्लापेरियार बांध के बारे में चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है

स्टालिन ने कहा, ‘मुल्लापेरियार बांध के बारे में चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। बांध में पानी के प्रवाह पर सख्ती से नजर रखी जाती है। जलग्रहण क्षेत्र में प्राप्त वर्षा बेसिन की तुलना में कम है। तमिलनाडु व्यागा बांध (Vyga dam) में अतिरिक्त पानी प्रवाहित करके रूल वक्र बनाए हुए है।’

केरल के जल संसाधन मंत्री रोशी आगस्टीन (Kerala Water Resources Minister Roshi Augustine), जो इडुक्की में डेरा डाले हुए हैं और चीजों को नियंत्रित कर रहे हैं, ने एक प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी।

हर तरह से सुरक्षित है मुल्लापेरियार बांध

स्टालिन ने केरल के अपने समकक्ष को बताया कि मुल्लापेरियार बांध हर तरह से सुरक्षित है। उन्होंने कहा, ‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि मुल्लापेरियार बांध सभी पहलुओं में सुरक्षित है और बांध का बाढ़ विनियमन फरवरी 2021 में केंद्रीय जल आयोग द्वारा अनुमोदित नियम वक्र और गेट संचालन कार्यक्रम के अनुसार किया जा रहा है।’

स्टालिन ने आगे कहा, ‘हमारी बांध प्रबंधन टीम मुल्लापेरियार बांध के नीचे रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय पर उठाए जाने वाले एहतियाती उपायों पर बहुत ध्यान केंद्रित कर रही है।’

केरल के सीएम ने 5 अगस्त को स्टालिन को लिखा पत्र

इससे पहले 5 अगस्त को, केरल के सीएम ने स्टालिन को पत्र लिखकर मुल्लापेरियार बांध से पानी के निर्वहन को विनियमित करने में हस्तक्षेप करने की मांग की, जहां जल स्तर 136 फीट के अनुमेय स्तर से अधिक हो गया है।

 

विजयन ने स्टालिन को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘जैसा कि आप जानते हैं, केरल राज्य में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने इडुक्की सहित केरल के कई जिलों में पहले ही रेड अलर्ट जारी कर दिया है। मुल्लापेरियार बांध का जल स्तर 136 फीट के करीब है। अगर यह स्थिति बनी रही, तो बांध के जल स्तर में भारी वृद्धि होगी।’

विजयन ने स्टालिन से यह भी अनुरोध किया कि ‘कृपया संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दें कि मुल्लापेरियार बांध के जलग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा को ध्यान में रखते हुए बांध से बहिर्वाह / निर्वहन प्रवाह से अधिक हो।’

पनीरसेल्वम ने सरकार पर लगाया आरोप

हालांकि, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने सत्तारूढ़ सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘जब अन्नाद्रमुक सत्ता में थी, मुल्लापेरियार बांध को कई बार 142 फीट तक रखा गया था, लेकिन डीएमके के सत्ता में आने के बाद दो साल तक इस प्रणाली का पालन नहीं किया गया था।’

इसके बाद, ऐसी खबरें आई हैं कि तमिलनाडु सरकार ने तमिलनाडु के किसानों से परामर्श किए बिना मुल्लापेरियार बांध से केरल क्षेत्र में प्रति सेकंड 534 क्यूबिक फीट पानी छोड़ा है।

कृषि संघों ने रूल कर्व की निंदा की

तमिलनाडु के मदुरै, डिंडीगुल, रामनाथपुरम और शिवगंगा जिलों के किसान, जो मुल्लापेरियार बांध से लाभान्वित होते हैं, का दावा है कि ‘रूल कर्व’ के कारण मुल्लापेरियार बांध 142 फीट तक पानी जमा नहीं करता है। कृषि संघों ने भी इस ‘रूल कर्व’ प्रावधान की कड़ी निंदा की है। इस ‘रूल कर्व’ नियम को मुल्लापेरियार बांध से पानी छोड़ने का कारण बताया जाता है।

रूल कर्व एक माप है जो वर्ष के अलग-अलग समय में किसी जलाशय में रखे गए भंडारण या रिक्त स्थान को परिभाषित करता है।

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8 अगस्त को ओडिशा दौरे पर अमित शाह, जानें महत्व…

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आठ अगस्त को ओडिशा का दौरा करेंगे और प्रख्यात स्वतंत्रता संग्रामी एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरेकृष्ण महताब द्वारा स्थापित ओड़िया समाचार पत्र ‘प्रजातंत्र’ के 75 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘‘प्रजातंत्र की 75वीं वर्षगांठ उसी साल हो रही है, जब देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं. इसी साल ओडिशा की बेटी देश की राष्ट्रपति बनीं. ऐसे समय में शाह का ओडिशा दौरा महत्व रखता है.’’

धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को कटक में एक बैठक की अध्यक्षता की, जो अमित शाह के दौरे से पहले की जा रही तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित की गई. उन्होंने इनडोर स्टेडियम का भी दौरा किया, जहां कार्यक्रम का आयोजन होना है.

बीजू जनता दल (बीजद) नेतृत्व के साथ मतभेदों के कारण पार्टी द्वारा अलग-थलग किए गए लोकसभा सदस्य भर्तृहरि महताब समाचार पत्र के मौजूदा संपादक हैं. राज्य के दो दिवसीय दौरे पर आए प्रधान ने महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को कटक में उनके जन्मस्थल जानकीनाथ भवन में श्रद्धांजलि दी.

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘‘नेता जी के जन्मस्थल जानकीनाथ भवन, जिसे अब संग्रहालय में बदल दिया गया है, वह किसी तीर्थस्थल से कम नहीं है. यह मेरा सौभाग्य है कि मैं भारत के महान सपूत, राष्ट्र के नायक और साहस एवं बलिदान के प्रतीक को श्रद्धांजलि देने के लिए आज फिर इस पवित्र स्थल पर गया.

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उत्‍तराखंड: महेंद्र भट्ट बनाए गए नए प्रदेश अध्‍यक्ष

उत्‍तराखंड भाजपा में बड़ा बदलाव किया गया है। आज शनिवार को भाजपा (BJP)ने नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का एलान कर दिया। केंद्रीय नेतृत्व ने पूर्व विधायक महेंद्र भट्ट को भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष बनाया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने इसकी पुष्‍टी की है। उत्तराखंड में सत्तारूढ़ भाजपा निकट भविष्य में संगठन में बदलाव किया है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए यह बदलाव किया है

पार्टी ने क्षेत्रीय संतुलन को दी वरियता

भाजपा के सामने लक्ष्य वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव का है। पार्टी लगातार तीसरी बार पांचों सीटों पर जीत हासिल करने की रणनीति पर चल रही है। इसके लिए पार्टी सरकार और संगठन के माध्यम से क्षेत्रीय आधार पर संतुलन को वरियता दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कुमाऊं से हैं, इसलिए प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी पार्टी ने गढ़वाल के महेंद्र भट्ट को सौंपी है।

कौन है महेंद्र भट्ट

  • 1991 से 1996 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सह सचिव रहे।
  • एबीवीपी में विभाग संगठन मंत्री टिहरी विभाग-1994 से 1998 तक ।
  • भाजयुमो के प्रदेश सचिव 1998 से 2000 तक।
  • भाजयुमो प्रदेश महासचिव 2000 से 2002 तक।
  • भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष 2002 से 2004 तक।
  • भाजयुमो राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व हिमाचल प्रदेश प्रभारी, भाजपा प्रदेश सचिव 2007-2020, भाजपा
  • गढ़वाल संयोजक 2012-2014 और भाजपा प्रदेश सचिव- 2015-2020 रहे।
  • 2002 से 2007 तक नंदप्रयाग में विधायक रहे।
  • वर्ष 2007 में नंदप्रयाग विधानसभा में भाजपा से विधायक के उम्मीदवार थे और हारे।
  •  वर्ष 2017 में बदरीनाथ विधानसभा से विधायक बने।
  • 2022 में बदरीनाथ विधानसभा से चुनाव हारे।
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शुरू होगी कोरोना काल में बंद हुईं सभी ट्रेनें: रेल मंत्री

वर्ष 2020 ने जब कोरोना आया तब पूरा देश थम गया। बाजार बंद, इंसान घरों में कैद, सड़कें सूनसान और रेल गाड़ियों के पहिये थम गए थे। धीरे-धीरे कोरोना का संक्रमण कम हुआ तो रेलवे विभाग ने कुछ ट्रेनें तो शुरू कीं लेकिन ज्यादातर बंद ही रहीं। कुछ समय बाद और ट्रेनें बढ़ाई गईं। लेकिन अभी भी तमाम ट्रेनें बंद हैं। इनमें भी ज्यादातर वो ट्रेनें थीं जो लोकल स्तर पर चला करती थीं। लेकिन अब रेल मंत्रालय ने इन ट्रेनों को दोबारा चालू करने का फैसला किया है।

खबरों के अनुसार, कोरोना के दौरान बंद सभी ट्रेनों का संचालन इसी सप्ताह शुरू हो जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसके लिए मंत्रालय को निर्देश दिया है। संबंधित जोन से सप्ताह भर के भीतर अपनी तैयारी कर लेने को कहा गया है। माना जा रहा है कि इस सप्ताह 500 ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। बंद हुई ट्रेनों की वजह से तमाम मुश्किलें झेल रहे यात्रियों को इससे भारी राहत मिलेगी।

चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा संचालन

कोरोना के मामले घटने के बाद जरूरत और मांग के मद्देनजर ट्रेनों का संचालन चरणबद्ध तरीके से शुरू किया गया। फिलहाल 2,300 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। 500 ट्रेनों का संचालन अब भी नहीं हो पाया है। सरकार के इस फैसले के बाद चलाई जाने वाली 500 ट्रेनों में एक सौ से अधिक ट्रेनें मेल व एक्सप्रेस श्रेणी की हैं। बाकी 400 ट्रेनें पैसेंजर हैं। इन पैसेंजर ट्रेनों के बंद होने से स्थानीय स्तर पर चलने वाले दैनिक यात्रियों की समस्या बढ़ गई थी।

इस समय चल रहीं 2300 ट्रेनें 

कोरोना के केस घटने के बाद कई ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। लेकिन कई ट्रेनें बंद रही थीं। बंद ट्रेनों को चलाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से मांग बढ़ गई थी। मानसून सत्र के दौरान भी कई सांसदों ने वैष्णव से मिलकर बंद ट्रेनों को चलाने का आग्रह किया। इस समय चलाई जा रही 2,300 ट्रेनों में 1,770 ट्रेनें मेल व एक्सप्रेस श्रेणी की हैं। अगले सप्ताह इनकी संख्या 1,900 से अधिक हो जाएंगी। कोरोना के बाद स्थिति सामान्य होने पर भी ज्यादातर पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो पाया था। हालांकि कुछ पैसेंजर ट्रेनों का संचालन तो शुरू किया गया लेकिन इनमें भी एक्सप्रेस ट्रेन वाला किराया वसूला जा रहा है।

 

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मैं अनाथ नहीं, सोनिया गांधी मेरी गार्जियन: अधीर रंजन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहे जाने पर सत्तारूढ़ दल भाजपा के सांसदों ने 28 जुलाई को संसद में हंगामा किया। उनकी तरफ से अधीर रंजन चौधरी और सोनिया गांधी से माफी की मांग हुई। इस विवाद के बीच सोनिया गांधी ने अधीर रंजन का बचाव किया और कहा कि वो माफी मांग चुके हैं। वहीं आपत्तिजनक बयान को लेकर अधीर रंजन चौधरी द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए भावुक हो गए और सोनिया गांधी को अपना अभिभावक बताया।

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन ने कहा, “संसद में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मेरा नाम लेकर मुझ पर हमला किया। जिसपर मैंने जवाब देने का समय मांगा लेकिन मुझे मौका नहीं मिला और सदन को दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया गया। बाद में मैं अध्यक्ष के पास गया, उनसे विनती की कि मुझे मेरे खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब देने की अनुमति दी जाए।

अधीर रंजन बोले- लगा कि मैं अनाथ नहीं हूं

अधीर रंजन ने कहा कि सोनिया गांधी भी स्पीकर के पास गईं और मेरा पक्ष रखने के लिए समय देने की बात कही। उन्होंने स्पीकर से कहा कि “अधीर को जवाब देने का मौका दिया जाना चाहिए।” अधीर रंजन ने कहा कि यह मेरे संसदीय करियर का बेहद महत्‍वपूर्ण दिन था, मुझे लगा कि मैं अनाथ नहीं हूं…सोनिया गांधी में मेरी अभिभावक हैं।”

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अब 17 साल के युवा अपना नाम मतदाता सूची में करवा सकते हैं दर्ज, जानें पूरी प्रक्रिया

देश में मतदान के लिए 18 साल की उम्र तय की गई है लेकिन अब 17 साल के युवा अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं। भारतीय चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि 17 साल से अधिक आयु के भारतीय नागरिक अब मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए अग्रिम आवेदन कर सकेंगे। अब युवाओं को सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए पूर्व आवश्यक मानदंड का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडे के नेतृत्व में भारतीय निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों के सीईओ, ईआरओ और एईआरओ को इस बारे में निर्देश दिया है ताकि युवाओं को अपने अग्रिम आवेदन दाखिल करने में सुविधा हो। 17 साल से अधिक आयु के युवा अब मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए अग्रिम रूप से आवेदन कर सकते हैं।

संशोधन के बाद अब मिलेंगे ज्यादा मौके
चुनाव आयोग ने कहा है कि जरूरी नहीं कि 18 साल की आयु प्राप्त करने के बाद ही इसके लिए आवेदन किया जाएगा। 17 साल पूरा होते ही युवा इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए चुनाव आयोग ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे युवाओं को यह सुविधा प्रदान करें। आयोग ने कहा है कि अब युवा साल में तीन बार यानि 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर से अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए 1 जनवरी का इंतजार नहीं करना होगा।

मतदाता सूची के लिए कर सकते हैं आवेदन
असल में चुनाव आयोग की सिफारिशों पर कानून एवं न्याय मंत्रालय ने हाल ही में आरपी अधिनियम में संशोधन किया था, जिसमें चार योग्यता तिथियों को यानि 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर युवाओं को मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए पात्रता के रूप में प्रदान किया गया है। पहले केवल 1 जनवरी ही योग्यता की तारीख मानी जाती थी। आवेदन की प्रक्रिया वही रहेगी जो पहले थी।

वोटर लिस्ट को आधार से लिंक करने की मुहिम
उधर मतदाता सूची को आधार से लिंक करने के मामले पर चुनाव आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है। 1 अगस्त से 31 दिसंबर तक अभियान चलाकर वोटर लिस्ट में शामिल हर नाम का आधार नंबर एकत्रित किया जाएगा। इसे आधार से लिंक किया जाएगा। अप्रैल 2023 तक यह प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी मतदाताओं तक पहुंचकर उनका आधार नंबर लेने का प्रयास किया जाएगा।

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पिछले 24 घंटे में देश में आए कोरोना के 20,557 नए मामले

देश में कोरोना वायरस ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। कोरोना के नए मामले 20 हजार के पार हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में कोरोना के 20,557 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 44 लोगों की मौत भी हुई है।

एक्टिव केस भी बढ़े

कोरोना के नए मामलों के साथ ही एक्टिव केस में भी बढ़ोतरी हुई है। मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में कोरोना से 19,216 लोग रिकवर हुए हैं। इसके साथ ही एक्टिव केस बढ़कर 1,46,323 हो गए हैं। 27 जुलाई को सक्रिय मरीजों की संख्या 1 लाख 45 हजार 26 थी

रिपोर्ट के मुताबिक, देश में अब तक इस संक्रमण के कुल 4 करोड़ 39 लाख 59 हजार 321 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, अब तक महामारी से 4 करोड़ 32 लाख 86 हजार 787 लोग रिकवर हो चुके हैं। इसके अलावा 5 लाख 26 हजार 211 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। देश में अब डेली पाजिटिविटी दर 5.18 फीसद है। साप्ताहिक पाजिटिविटी दर 4.71 फीसद है। रिकवरी दर 98.47 फीसद है।

  • कोरोना के अब तक कुल 87.40 करोड़ टेस्ट किए जा चुके हैं।
  • 24 घंटे में 3,96,783 टेस्ट किए गए

203 करोड़ के पार हुआ वैक्सीनेशन का आंकड़ा

देश में अब तक कोरोना की 203 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन लगाई जा चुकी है। बीते 24 घंटे में 42 लाख 20 हजार 625 वैक्सीन लगाई गई। कोविन वेबसाइट पर जारी आंकड़ों के मुताबिक, 102 करोड़ से ज्यादा लोगों को पहली खुराक दी जा चुकी है। वहीं, 93 करोड़ से ज्यादा दूसरी खुराक दी गई है। प्रीकाशन डोज 8 करोड़ से ज्यादा लोगों को दी गई है।