उत्तराखंड प्रदेश

उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी के बाद लोगों की बढ़ी मुश्किलें, जगह-जगह फंसे यात्री

उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश-बर्फबारी के बाद लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गईं हैं। बारिश के बाद सड़क बंद हाेने से जगह-जगह यात्री फंस गए हैं। उत्तरकाशी में गत शनिवार सुबह से हो रही बारिश व बर्फबारी के कारण पर्यटक भी परेशान हैं। बर्फबारी के चलते गंगोत्री हाईवे गंगनानी, सुक्की टॉप से गंगोत्री तक जगह-जगह बंद है। जबकि यमुनोत्री हाईवे हनुमान चट्टी तथा राड़ी टॉप में बर्फबारी के कारण बंद हो गया है। बर्फबारी के कारण  आसपास के गांव में पैदल रास्ते भी बंद हो चुके हैं।

इसके चलते लोगों को भारी परेशानी  उठानी पड़ रही है। जिले में शनिवार सुबह से  बारिश व बर्फबारी का सिलसिला जारी है। निरंतर हो रही बारिश व बर्फबारी के कारण एक हजार फीट तक की ऊंचाई पर बसे गांव जहां बर्फ से ढक गए हैं। वहीं बर्फबारी के चलते गंगोत्री हाईवे गंगनानी सुक्की टॉप, हर्षिल, धराली व भैरव घाटी से गंगोत्री तक पूरी तरह बंद है। जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। इसके साथ ही हर्षिल-मुखबा, पयारा-झाला, जसपुर-पुराली तथा कमद-अंयारखाल,उत्तरकाशी लम्बगांव मोटर मार्ग चौरंगी खाल, संकूर्णाधार सहित यमुनोत्री हाईवे हनुमान चट्टी, राड़ी टॉप में बंद हो गया है।

जबकि मोरी  सांकरी जखोल मोटर मार्ग सहित अन्य दर्जन ग्रामीएा सड़के भी बर्फबारी से बंद हो गई है। इससे लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेन्द्र पटवाल ने बताया कि गंगोत्री, यमुनोत्री  हाईवे को सुचारु करने के लिए बीआरओ व एनएच के मजदूर मार्ग को सुचारु करने में जुटे हैं।

गंगोत्री, यमुनोत्री धाम सहित हर्षिल, सांकरी में भारी हिमपात

उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित हरकीदून घाटी में शनिवार को एक बार फिर जमकर बर्फबारी हुई है। दोनों धामों सहित हर्षिल, दयारा बुग्याल, डोडीताल व यमुना घाटी के जानकी चट्टी, हरकीदून,घाटी में करीब दो फीट तक बर्फ की चादर जम चुकी है। जिले में गत शुक्रवार देर रात से मौसम ने करवट बदली और आसामान में काले घने बादल छाये रहे। शनिवार सुबह झमाझम बारिश शुरू हुई। वहीं गंगोत्री यमुनोत्री धाम समेत हर्षिल, मुखबा, धराली, सुक्की, दयरा बुग्याल, डोडीताल, नचिकेता ताल, चौरंगी खाल, राड़ी टॉप।

यमुना घाटी के जानकी चट्टी, हनुमान चट्टी, संगग चट्टी समेत मोरी ब्लॉक के हरकीदून, सांकरी,  जखोल, ओसला, गंगाड़, ढाटमीटर, लिवाड़ी फिताड़ी के साथ ही चांगशील बुग्याल व हिमाचंल सीमा से सटे आराकोट क्षेत्र के चिंवा, बदाल्डा आदि  अन्य एक हजार फिट से अधिक ऊंचाई वाले गांव पूरी तरह बर्फ से ढक गए हैं। बर्फबारी से जनपद में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिससे बचने के लिए लोगों ने अलाव और हीटर का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

नैनीताल, मुक्तेश्वर में बर्फबारी नैनीताल में ठंड बढ़ी 

नैनीताल जिले में बीती रात से हो रही बारिश के बाद मुक्तेश्वर में सीजन की पहली बार पारी हुई है। वही नैनीताल के ऊची चोटियों में भी बर्फ गिरी पर नैनीताल शहर में अब भी बर्फबारी के इंतजार है। मुक्तेश्वर में  रविवार सुबह करीब 8:30 बजे से मुक्तेश्वर में बर्फ गिरने लगी। जो सिलसिला करीब आधे घंटे तक जारी रहा। पर बारी के कारण तापमान में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। मुक्तेश्वर में सुबह का न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

पिछले 24 घंटे में जिले में करीब 20 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। लगातार हो रही बारिश से जहां स्थानीय काश्तकारों को राहत मिली है। वहीं कोरोना के कारण पर्यटन व्यवसाय को बर्फबारी का ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद नहीं है। राज्य सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई तरह की पाबंदियां लगा रखी है। नैनीताल में लगातार बारिश के कारण ठंड काफी बढ़ गई। परंतु नैनीताल में अभी बर्फबारी नहीं हुई है।

उत्तराखंड में अगले दो दिन बारिश-बर्फबारी का अलर्ट

मौसम विभाग ने रविवार के लिए राज्य के गढ़वाल मंडल के अनेक स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा बर्फबारी व कुमाऊं मंडल के जनपदों के कुछ स्थानों में बहुत हल्की से हल्की बारिश बर्फबारी का अनुमान लगाया है। रविवार को 2500 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों में बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 9 तारीख को पर्वतीय जिलों में मध्यम से भारी बर्फबारी होने से कुछ जगह सड़कों पर यातायात बाधित हो सकता है।  बिजली और दूरसंचार लाइनों को मामूली नुकसान पहुंच सकता है।

मौसम विभाग ने राज्य सरकार के संबंधित विभागों को 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर सड़कों को बर्फ से खुला रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था के सुझाव दिया है। लोगों से वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। 10 जनवरी को भी राज्य के पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की से हल्की बारिश बर्फबारी हो सकती है। 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों में बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार 11 जनवरी से प्रदेश में मौसम साफ रहेगा लेकिन मौसम सर्द बना रहेगा।