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भारतपे के सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर ने कंपनी बोर्ड को सौपा इस्तीफा, कही यह बात

फिनटेक यूनिकॉर्न भारतपे के सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर ने कंपनी बोर्ड में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अशनीर ग्रोवर के खिलाफ सिंगापुर में जांच शुरू करने के लिए फिनटेक प्लेटफॉर्म के खिलाफ दायर की गई मध्यस्थता में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. इस हार के बाद अशनीर का इस्तीफा सामने आ गया. हालांकि फिनटेक यूनिकॉर्न के बोर्ड को भेजे गए एक ईमेल में अशनीर ग्रोवर ने कहा कि उन्हें ‘बदनाम’ किया गया और ‘सबसे अपमानजनक तरीके’ से व्यवहार किया गया. उन्होंने मेल में लिखा, ‘मैं इस बात से बेहद दुखी हूं, जिस कंपनी का मैं संस्थापक हूं आज मुझे उस कंपनी को अलविदा कहने के लिए मजबूर किया जा रहा है.’

इससे पहले भारतपे ने अपने ‘कंट्रोल्स’ विभाग की प्रमुख और अशनीर ग्रोवर की पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर को वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में बर्खास्त कर दिया था. भारतपे में माधुरी जैन नियंत्रण प्रमुख थीं. आंतरिक जांच में फिनटेक प्लेटफॉर्म पर उनके समय के दौरान धन की हेराफेरी का पता चला था. अशनीर ग्रोवर ने कोटक महिंद्रा बैंक के कर्मचारियों के खिलाफ कथित रूप से अनुचित भाषा का इस्तेमाल करने के लिए विवाद का सामना करने के बाद, मार्च के अंत तक स्वैच्छिक अवकाश ले लिया था, उनकी पत्नी माधुरी जैन भी जनवरी में छुट्टी पर चली गईं थी.

सिंगापुर मध्यस्थता हारे अशनीर ग्रोवर
अशनीर ग्रोवर को बड़ा झटका देते हुए सिंगापुर में उनके खिलाफ जांच शुरू करने के लिए फिनटेक प्लेटफॉर्म के खिलाफ दायर की गई मध्यस्थता में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है. उनकी मध्यस्थता आपातकालीन मध्यस्थ (EA) को उनके खिलाफ भारतपे में चल रही शासन समीक्षा को रोकने के लिए मनाने में विफल रही. आपातकालीन मध्यस्थ ने उनकी अपील के सभी पांच आधारों को खारिज कर दिया. ग्रोवर ने सिंगापुर इंटरनेशनल आर्ब्रिटेशन सेंटर (एसआईएसी) में मध्यस्थता याचिका दायर की थी.